परवन नदी पर मोहम्मदपुर-कैथोडी माइक्रो इरिगेशन लिफ्ट परियोजना सौर ऊर्जा से चलेगी। जल संसाधन विभाग ने परियोजना में सौर ऊर्जा संयत्र लगाने के लिए 12.70 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया है। बिजली कनेक्शन यहां वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर लिया जाएगा। एक्सईन महेंद्र मीणा ने बताया कि परियोजना के पहले चरण के काम पूरे हो गए हैं। अब अगले सीजन में इस योजना से सिंचाई की जा सकेगी। मोहम्मदपुर-कैथोडी परियोजना के लिए करीब 2 हजार किलोवॉट के सोलर पैनल की आवश्यकता है। साथ ही यहां पर करीब 1700 एचपी के पंप स्थापित किए गए है। ऐसे में इन्हे चलाने के लिए अतिरिक्त बिजली की आवश्यकता भी पड़ेगी। इसीके मांडपुर सिंचाई योजना का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। इसमें केवल बिजली कनेक्शन शेष है। जो बारिश के बाद हो जाएगा। इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद अंता-मांगरोल क्षेत्र की करीब ढाई हजार हैक्टेयर जमीन सिंचित हो सकेगी। यहां परवन नदी के पानी को रोकने के लिए एनीकट का निर्माण किया हुआ है। एनीकट से पानी को लिफ्ट करके खेतों तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ काचरी, पचेल और देलाहेड़ी लिफ्ट के पंप हाउसों की मरम्मत एवं नवीनीकरण किया जाएगा। जबकि चक-शाहाबाद लिफ्ट के पहले से स्थापित सोलर प्लांट की सुरक्षा के लिए चारदीवारी और फेंसिंग भी की जाएगी। सभी काम 18 माह में पूरे किए जाएंगे। जानिए... लिफ्ट तकनीक कैसे करती है काम सामान्य नहर से सिंचाई में पानी ढलान की दिशा में बहते हुए खेतों तक पहुंचता है। जिसमें गुरूत्वाकर्षण नियम काम करता है। लेकिन लिफ्ट सिंचाई में पानी को पंप की मदद से जलस्रोत से उठाकर उंचाई पर चढ़ाया जाता है। यहां से पाइपलाइन के जरिए कमांड क्षेत्र तक पहुंचाया जाता है। जिस भौगोलिक परिस्थिति में प्राकृतिक ढलान से पानी पहुंचाना संभवन नहीं, वहां लिफ्ट तकनीक काम ली जाती है। मोहम्मदपुर-कैथोडी माइक्रो इरिगेशन लिफ्ट प्रोजेक्ट के तहत साढ़े 12 करोड़ रुपए से कार्य करवाएं जाएंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही मांडपुर लिफ्ट परियोजना को भी इसके साथ ही पूरा किया जाएगा। इन कार्यों के पूरा होने से किसानों को राहत मिल सकेगी। - जितेंद्र शेखर, एसई, जल संसाधन विभाग बारां