रविवार को बीकानेर के सीमावर्ती उपखंडों जैसे पूगल, खाजूवाला और कोलायत क्षेत्र से मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू हो गई। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने से यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और सोमवार शाम तक मानसून बीकानेर की सीमाओं को पूरी तरह छोड़ देगा। मानसून के पीछे हटने के बाद वायुमंडल के ऊपरी स्तर पर नमी में भारी कमी दर्ज की जाएगी। नमी के कम होने और बादलों के छटने से सीधी धूप जमीन पर पड़ेगी, जिसके परिणामस्वरूप आगामी दिनों में दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री तक की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। मौसम की इस स्थिति को पोस्ट मानसून कहा जाता है। यह पोस्ट मानसून काल आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों के लिए भी बड़ी चुनौती बनने जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पोस्ट मानसून का यह गर्म दौर लगभग एक महीने तक बना रह सकता है। अक्टूबर के मध्य से जिले में रबी की फसलों की बिजाई का मुख्य सीजन शुरू होता है। अचानक बढ़ने वाली इस गर्मी और धूप के कारण जमीन तेजी से तपेगी। कृषि जानकारों का कहना है कि यदि तापमान अधिक रहा तो खेतों में हाल ही में डाले गए बीज और उगने वाली नई कोपलें (सीडलिंग्स) झुलस सकती हैं। बीजों के अंकुरण पर बुरा असर पड़ सकता है, जिससे किसानों को फसलें खराब होंगी। क्षेत्र के किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे बदलते मौसम और तापमान के इस मिजाज को ध्यान में रखते हुए ही रबी की बुजाई की योजना बनाएं। साल विदाई की तारीख