एक साथ दो सिस्टम एक्टिव होने से राजधानी में मौसम का मूड अचानक स्विंग कर गया। दोपहर तक आंशिक बादल थे, लेकिन तीन बजे बाद मौसम ने पलटी खाई। शाम 4 बजे पूरे शहर को घनघोर काली घटाओं ने घेर लिया और अंधेरा छा गया। शाम 5 बजे ही रात आठ बजे जैसा अंधेरा हो गया। इस दौरान 45 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा चली। मूसलाधार बारिश शुरू हुई और 20 से 25 मिनट में ही 1 इंच से ज्यादा पानी बरस गया। तूफानी बारिश में विजिबिलिटी 5 से 8 मीटर रह गई। पूरा शहर थम गया। तेज बारिश से सड़कें लबालब हो गईं। कहां कितनी बरसात हुई ऐसे बना डबल वेदर सिस्टम जयपुर मौसम केन्द्र निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार मानसून विदा होने के बाद ज्यादातर पश्चिमी विक्षोभ सिस्टम एक्टिव होते हैं। प्रदेश में बीते चौबीस घंटे में एक पश्चिमी विक्षोभ सिस्टम एक्टिव हुआ। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी से लगातार नम हवा आ रही थी। दोनों सिस्टम एक साथ एक्टिव होने से पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। राजधानी में भी सिस्टम का असर दिखा और थंडर स्टॉर्म एक्टिविटी हुई। एक घंटे में 7 डिग्री लुढ़का पारा तेज बारिश थमने के बाद रात तक बूंदाबांदी चलती रही। बारिश के बाद एक घंटे में करीब 7 डिग्री तक पारा लुढ़का। दोपहर में 33.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ, लेकिन बारिश के बाद पारा 25 डिग्री पर आ गया और गर्मी से राहत मिली। आगे क्या; मौसम विभाग के अनुसार अगले चौबीस घंटे में सिस्टम का असर कम होगा। हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। बुधवार से मौसम साफ हो जाएगा।