नगर परिषद सीकर के सभापति पद के लिए तस्वीर अब साफ हो गई है। सभापति पद अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व होने के बाद कांग्रेस ने वार्ड 16 से निर्वाचित पार्षद खतीजा बानो को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं भाजपा ने वार्ड 28 से पहली बार चुनाव जीतकर पार्षद बनी कंचन खडोलिया को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। दोनों प्रत्याशियों की राजनीतिक पृष्ठभूमि और चुनावी अनुभव एक-दूसरे से अलग हैं। पढ़िए- मेयर प्रत्याशियों की प्रोफाइल खतीजा बानो: 1999 से राजनीति में सक्रिय खतीजा बानो का राजनीतिक सफर साल 1999 से शुरू हुआ था। इससे पहले साल 1994 में इनके पति जीवण खां ने पहली बार चुनाव लड़ा था। उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद 1999 के चुनाव से पहले सीट महिला के लिए आरक्षित हो गई। ऐसे में जीवण खां की जगह उनकी पत्नी खतीजा बानो ने कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद खतीजा बानो सक्रिय राजनीति में बनी रहीं। 2014 में जब सीधे चुनाव हुए, तब वह बीजेपी की राजेश्वरी सैनी से चुनाव हार गई थी। साल 2014 से उन्होंने लगातार 10 साल तक पार्षद के रूप में काम किया। साल 2026 के नगर परिषद चुनाव में उन्होंने वार्ड 16 से जीत दर्ज की। इस तरह इस बार वह चौथी बार पार्षद बनी हैं। उनका नाम फाइनल करने में भी प्रदेश नेतृत्व ने कोई दखल नहीं दिया। इनके नाम के साथ सबसे बड़ी राजनीतिक विशेषता उनका लंबा स्थानीय निकाय अनुभव है। पार्षद के रूप में अलग-अलग कार्यकालों में काम करने के कारण नगर परिषद की कार्यप्रणाली और स्थानीय राजनीति से उनका पुराना जुड़ाव है। पति जीवण खां का राजनीतिक अनुभव भी साथ खतीजा बानो के सभापति पद के प्रत्याशी बनाए जाने में उनके पति जीवण खां की राजनीतिक पृष्ठभूमि को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जीवण खां दो बार सीकर नगर परिषद के सभापति रह चुके हैं और कांग्रेस की स्थानीय राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। सीकर विधायक राजेंद्र पारीक के साथ भी जीवण खां की राजनीतिक नजदीकी बताई जाती है। ऐसे में खतीजा बानो के पास जहां खुद का पार्षद के रूप में लंबा अनुभव है, वहीं उनके परिवार के पास नगर परिषद की राजनीति का भी लंबा अनुभव मौजूद है। भाजपा ने बिल्कुल अलग प्रोफाइल को मैदान में उतारा भाजपा ने इस मुकाबले में बिल्कुल अलग प्रोफाइल वाली प्रत्याशी को मैदान में उतारा है। पार्टी ने वार्ड 28 की पार्षद कंचन खडोलिया को सभापति पद का प्रत्याशी बनाया है। कंचन खडोलिया ने 2026 में पहली बार नगर परिषद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उनका परिवार लंबे समय से भाजपा से जुड़ा हुआ है। हालांकि परिवार में किसी सदस्य के पास पार्टी का कोई प्रमुख पद नहीं है। उनके पति मुकेश पिछले करीब 15 सालों से भाजपा के लिए बूथ स्तर पर काम करते रहे हैं और बूथ मैनेजमेंट से जुड़े रहे हैं। यही वजह है कि भाजपा का कंचन खडोलिया को सभापति पद के लिए उम्मीदवार बनाना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी ने किसी पुराने पार्षद के बजाय पहली बार निर्वाचित महिला पार्षद को मैदान में उतारा है, जिसके परिवार का संगठन के जमीनी काम से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। --- ये खबर भी पढ़िए- सीकर में कांग्रेस से खतीजा बानो, बीजेपी से कंचन दावेदार:नामांकन के बाद फिर बाड़ाबंदी में गए पार्षद; जिले में भाजपा के चेयरमैन प्रत्याशी घोषित सीकर नगर परिषद के सभापति पद के लिए बीजेपी-कांग्रेस से 1-1 नामांकन भरा गया है। कांग्रेस ने वार्ड 16 से पार्षद खतीजा बानो को अपना उम्मीदवार बनाया है। खतीजा बानो पूर्व सभापति जीवण खां की पत्नी हैं।(पूरी खबर पढ़ें) कांग्रेस-भाजपा में पहले से तय था सभापति प्रत्याशी का नाम:सीकर में कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक और भाजपा में पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी की चली सीकर में नगर परिषद सभापति पद के लिए कांग्रेस और भाजपा में नामांकन करने वाली दोनों महिलाओं के नाम पहले से तय थे। कांग्रेस की खतीजा बानो के लिए सीकर विधायक राजेंद्र पारीक ने नाम सजेस्ट किया था। वहीं भाजपा प्रत्याशी कंचन खडोलिया को टिकट देने और सभापति के नाम के लिए नामांकन में पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी की चली।(पूरी खबर पढ़ें)