नागौर नगर परिषद चुनाव का मतदान पूरा होने के बाद अब सभापति पद को लेकर भाजपा ने अपने पार्षद प्रतिनिधियों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। संभावित जोड़-तोड़ और क्रॉस वोटिंग से बचने के लिए करीब 41 पार्षद प्रतिनिधियों को सुरक्षित स्थान के लिए रवाना किया गया है। इनमें से 22 प्रतिनिधियों का पहला गुट देर रात रवाना हुआ, जबकि 19 प्रतिनिधियों का दूसरा गुट गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे भाजपा कार्यालय से बस और निजी वाहनों से रवाना हुआ। 22 प्रतिनिधि देर रात, 19 दोपहर में रवाना जानकारी के अनुसार भाजपा ने करीब 41 पार्षद प्रतिनिधियों को बाड़ेबंदी के लिए रवाना किया है। करीब 22 पार्षद प्रतिनिधियों के पहले गुट को बुधवार देर रात भेजा गया। इसके बाद 19 पार्षद प्रतिनिधियों का दूसरा गुट गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे भाजपा कार्यालय से रवाना हुआ। ये सभी बस और निजी वाहनों से रवाना हुए। रवानगी के दौरान भाजपा कार्यालय परिसर में पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने साथ रहने के निर्देश दिए बाड़ेबंदी के दौरान भाजपा संगठन के कई पदाधिकारी और स्थानीय नेता पार्टी कार्यालय में मौजूद रहे। नेताओं ने पार्षद प्रतिनिधियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। सभी पार्षद प्रतिनिधियों को एक साथ रहने के लिए कहा गया। पार्टी की कोशिश है कि चुनाव परिणाम आने तक उन्हें राजनीतिक दबाव और दूसरी पार्टियों की संभावित सेंधमारी से दूर रखा जाए। सभापति पद के लिए आगे होने वाली प्रक्रिया को देखते हुए भाजपा ने बाड़ेबंदी को अपनी चुनावी रणनीति का हिस्सा बनाया है। महिला पार्षदों के पति और रिश्तेदार भी साथ गए बाड़ेबंदी के दौरान महिला पार्षद प्रतिनिधियों के साथ उनके पति और दूसरे रिश्तेदार भी रवाना हुए। बस और निजी वाहनों से रवानगी के समय पार्टी कार्यालय में उत्साह का माहौल नजर आया। पुष्कर, जयपुर, पाली या गुजरात बॉर्डर की चर्चा पार्षद प्रतिनिधियों को कहां ठहराया जाएगा, इसे लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। चर्चा है कि उन्हें पुष्कर, जयपुर, पाली या गुजरात बॉर्डर के आसपास किसी रिजॉर्ट में रखा जा सकता है। हालांकि, भाजपा की ओर से अभी तक पार्षद प्रतिनिधियों के ठहरने की जगह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। 14 सितंबर को आएगा चुनाव परिणाम नागौर नगर परिषद चुनाव के परिणाम 14 सितंबर को घोषित होंगे। इसी दिन EVM खुलने के साथ पार्षद उम्मीदवारों के परिणाम सामने आएंगे। परिणाम आने के बाद सभापति पद को लेकर राजनीतिक समीकरण भी और स्पष्ट होने की उम्मीद है। सभापति पद के लिए भाजपा की तैयारी नगर परिषद चुनाव का मतदान पूरा होने के बाद अब सभापति पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा की ओर से की गई बाड़ेबंदी को संभावित क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक जोड़-तोड़ से बचने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।