नागौर में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर कन्या छात्रावास में बच्चों के लिए कार्यक्रम हुआ। जिसमें बच्चियों ने रंगों के जरिए दीवार पर पेंटिग बनाई। किसी ने डॉक्टर बनने का सपना दीवार पर उकेरा तो किसी ने पुलिस अधिकारी, वैज्ञानिक और खिलाड़ी बनने की अपनी उड़ान को रंग दिए। इस दौरान बालिकाओं ने ‘मेरी उड़ान, मेरे अधिकार—बाल विवाह मुक्त भारत’ का संदेश दिया। राजस्थान महिला कल्याण मंडल, नागौर की Just for Rights और Access to Justice for Children परियोजना के तहत सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग परिसर में बने कन्या छात्रावास में ये आयोजन हुआ। दीवार पर पेंटिग के जरिए दिखाई ‘बालिका की उड़ान’ बच्चों की बनाई पेंटिंग में किताब पकड़े एक लड़की के साथ खुले आसमान में उड़ते पक्षियों को दर्शाया गया। साथ ही कुछ बच्चों ने अपने डॉक्टर, पुलिस अधिकारी, वैज्ञानिक और खिलाड़ी बनने के सपने को भी दीवार पर बनाकर दिखाया। पेंटिंग का संदेश था कि बालिकाओं को बाल विवाह जैसी प्रथाओं से दूर रखते हुए शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें तो वे अपनी पसंद का भविष्य बना सकती हैं। बाल विवाह रोकने और शिक्षा के प्रति किया जागरूक बच्चियों ने उत्साह के साथ पेंटिंग में हिस्सा लिया और अपनी रचनाएं दिखाई। आयोजन का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ बाल विवाह की रोकथाम, बालिका शिक्षा और बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि प्रेरणा और अर्जुनराम मेहरियां मौजूद रहे। राजस्थान महिला कल्याण मंडल की ओर से जिला समन्वयक गरिमा सिंह, नीलम, शिवलाल और गणेशराम ने सहभागिता की।