नगला जनूथर गांव में जलभराव और कीचड़ की समस्या का शुक्रवार को भी स्थायी समाधान नहीं निकल सका। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची, जिसे देखकर ग्रामीणों को समस्या के समाधान की उम्मीद जगी। हालांकि, विभाग ने फिलहाल अस्थायी रूप से पानी निकासी की बात कही, जबकि ग्रामीण स्थायी समाधान की मांग पर अड़े रहे। करीब डेढ़ घंटे तक चली बातचीत के बाद भी सहमति नहीं बन सकी। सड़क किनारे अतिक्रमण और नालियां नहीं होने से जलभराव ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे अतिक्रमण होने और नालियों की व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी जमा हो जाता है। लंबे समय तक पानी भरा रहने से सड़क और आसपास के क्षेत्र में कीचड़ फैल जाता है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क ऊंची करने और पोखर तक पानी पहुंचाने की मांग ग्रामीणों ने विभाग के सामने सड़क को ऊंचा करने, सड़क किनारे नालियों का निर्माण कराने और जलभराव के पानी को गांव के पोखर तक पहुंचाने की मांग रखी। उनका कहना है कि केवल अस्थायी रूप से पानी निकालने से समस्या दोबारा पैदा हो जाएगी, इसलिए स्थायी जल निकासी की व्यवस्था जरूरी है। अर्थी को गंदे पानी से ले जाने की तस्वीर के बाद हरकत में आया विभाग गांव में गंदे पानी के बीच से अर्थी ले जाने की तस्वीर वायरल होने के बाद विभाग हरकत में आया। इसके बाद PWD की टीम मौके पर पहुंची। सहायक अभियंता सुनील कुमार ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो पुलिस बल की मदद मांगी जाएगी। विभागीय टीम लौटी, समस्या जस की तस फिलहाल विभागीय टीम के लौटने के बाद नगला जनूथर में जलभराव और कीचड़ की समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण स्थायी जल निकासी और नाली निर्माण की मांग पर कायम हैं।