किसान नेता नरेश मीणा के खिलाफ बारां जिले के छबड़ा थाने में सरकारी कार्य में बाधा डालने और रास्ता रोकने की FIR दर्ज की गई है। मामले को लेकर कृषि उपनिदेशक ने कलेक्टर को शिकायत भेजी थी। नरेश मीणा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के दबाव में कृषि विभाग के अधिकारियों ने यह केस दर्ज कराया है। उन्होंने कहा- पंचायत चुनाव के बीच सरकार हमें जेल भेजना चाहती है, लेकिन जेल जाने के बाद भी जनता मेरा साथ देगी और 'हाथी' चुनाव चिह्न पर वोट देकर पंचायतराज चुनाव में मेरा बोर्ड बनाएगी। अब तक सरकार 40 से अधिक मुकदमे दर्ज करा चुकी नरेश मीणा ने कहा- यह मुकदमा पहली बार दर्ज नहीं हुआ है। अब तक सरकार मेरे ऊपर 40 से अधिक मुकदमे दर्ज करा चुकी है। कई बार जेल भी भेजा जा चुका हूं। जब भी मैं जनता की आवाज उठाता हूं, जनता के लिए लड़ता हूं, तब मेरे खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए जाते हैं। दबाव बनाया जाता है कि मैं जनता की आवाज न बनूं। उन्होंने कहा- पिछले दिनों मुझे बिना कारण 45 दिन जेल में रखा गया, केवल इसलिए कि मैंने पिपलौदी में मरने वाले बच्चों की मदद की और उनके लिए आंदोलन किया। अधिकारियों ने कृषि मंत्री के दबाव में दर्ज कराया मामला नरेश मीणा ने कहा- किसानों को खाद दिलाने के लिए आंदोलन किया, तब भी यही हुआ। बड़े लोगों को खाद मिल रहा था, गरीबों को नहीं मिल रहा था। गर्भवती महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे 14-14 घंटे खाद की लाइन में लग रहे थे। यह मैं सहन नहीं कर पाया। इस पर मैंने एसडीएम कार्यालय का घेराव किया और अधिकारियों को उनके दायित्व निर्वहन के लिए चेतावनी दी। नरेश मीणा ने आरोप लगाया कि यह मुकदमा पुलिस द्वारा नहीं, बल्कि कृषि विभाग द्वारा दर्ज कराया गया है। इससे यह तय है कि यह मुकदमा मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के दबाव में दर्ज कराया गया है, जिसमें कई ऐसी धाराएं हैं जिनमें 7 साल तक की सजा है। तुम मुझे जेल में डाल सकते हो, मेरी सोच को नहीं उन्होंने कहा- जब-जब जुल्मी जुल्म करेगा सत्ता के गलियारों से, चप्पा-चप्पा गूंज उठेगा इंकलाब के नारों से…मैं डरने वाला नहीं हूं। तुम नरेश मीणा को सलाखों के पीछे डाल सकते हो, लेकिन अब नरेश मीणा एक व्यक्ति नहीं, एक सोच है, एक विचार है। आज हाड़ोती के घर-घर में नरेश मीणा खड़े हो गए हैं। तुम मुझे जितनी बार जेल में डालोगे, उतना ही हर किसान का बेटा नरेश मीणा बनकर ढाल बनेगा और तुम्हारे नकाब को बेनकाब करेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि अगर उन्हें जेल भेजा भी गया, तो भी हर घर से नरेश मीणा सड़क पर निकलेगा और इस चुनावी दंगल को आंदोलन बनाएगा। हाथी को बहुमत के रूप में जिला प्रमुख और प्रधानों के रूप में 12 जिलों का बोर्ड बनेगा। दरअसल, छबड़ा में 22 अक्टूबर को खाद नहीं मिलने से परेशान किसानों ने हाईवे जाम कर दिया था। सूचना पर नरेश मीणा मौके पर पहुंचे और किसानों के साथ खेल मैदान में आए और पेड़ पर चढ़कर सभी को संबोधित किया था। हजारों किसानों के साथ हाथ में लाठी लेकर एसडीएम ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए थे। छबड़ा एसडीएम सपना कुमारी ने मौके पर पहुंचकर नरेश मीणा और किसानों से बातचीत की थी। इसके बाद प्रशासन ने पुलिस की निगरानी में डीएपी के टोकन वितरण की व्यवस्था शुरू करवाई थी। यह खबर भी पढ़ें- खाद के लिए लाठी लेकर सड़क पर उतरे नरेश मीणा:पेड़ पर चढ़कर की नारेबाजी, लोगों के साथ SDM ऑफिस के बाहर धरना दिया बारां जिले के छबड़ा में गुरुवार को खाद नहीं मिलने से परेशान किसानों ने हाईवे जाम कर दिया। सूचना पर नरेश मीणा मौके पर पहुंचे और किसानों के साथ खेल मैदान में आए और पेड़ पर चढ़कर सभी को संबोधित किया। इसके बाद में हजारों किसानों के साथ हाथ में लाठी लेकर एसडीएम ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए। पढ़ें पूरी खबर