राजसमंद के नाथद्वारा में दस दिवसीय गणेश उत्सव का शुक्रवार देर रात्रि को समापन हुआ। इस अवसर पर नाथद्वारा और कांकरोली में बड़े स्तर पर शोभायात्रा निकाली गई। नाथद्वारा में घरों और सार्वजनिक पंडालों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करने के बाद शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में गणेश पांडालों और घरों में स्थापित लगभग 100 प्रतिमाएं शामिल हुईं। सुबह से ही श्रद्धालु गणेश प्रतिमाओं को लेकर विसर्जन स्थल पहुंचना शुरू हो गए थे। मित्र मंडलों ने बड़े डीजे और साउंड सिस्टम लगाए, जिससे पूरा नगर गणपति बप्पा के जयकारों और भजनों से गूंज उठा। शोभायात्रा बस स्टैंड, कुम्हारवाड़ा, गांधी रोड, चौपाटी, मंदिर परिक्रमा, लाल बाजार और नया रोड होते हुए इमली चैक पहुंची। इसके बाद प्रतिमाओं को कांटीमाला ले जाया गया, जहां पालिका प्रशासन की ओर से विसर्जन की व्यवस्था की गई। जल प्रदूषण रोकने के लिए यमुना स्वरूपा बनास नदी के अलग-अलग स्थानों पर पुलिस जाब्ता तैनात रहा। प्रशासन ने केवल मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को ही नदी में विसर्जित करने की अनुमति दी।