प्रकृति ने बारां जिले को जंगल, पहाड़, झरने, किले, प्राचीन मंदिर, वन्यजीव, आदिवासी संस्कृति और हजारों साल पुरानी भूगर्भीय संरचना जैसे नायाब तोहफे दिए है। बारां के पास पर्यटन के लिए वो सब कुछ है, जो किसी डेस्टिनेशन को अपनी पहचान दिला सकता है। सरकारी पर्यटन वेबसाइट भी रामगढ़ क्रेटर, शेरगढ़ किला-अभयारण्य, सीताबाड़ी, शाहाबाद, सोरसन, कपिलधारा और डोल मेले जैसे स्थलों को जिले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल करती है। लेकिन सालों से यहां पर पर्यटकों के लिए कोई सुविधा ही उपलब्ध नहीं है। रामगढ़ क्रेटर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की घोषणाएं लंबे समय से चल रही हैं, लेकिन वॉच टावर और पर्यटक हट्स जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। शेरगढ़ को आइकॉनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन विलेज के रूप में विकसित करने की योजना भी लंबे समय तक टेंडर प्रक्रिया में अटकी रही। अब ओर काम शुरू हुआ है। पर्यटन विभाग के अनुसार शेरगढ़ को आइकॉनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने के लिए 149 लाख रुपए के वर्क ऑर्डर 18 सितंबर को जारी हो चुके है और काम शुरू हो गया है। रामगढ़ में वॉच टावर, पर्यटक हट्स सहित अन्य सुविधाओं के लिए वन विभाग ने तहसीलदार को पत्र भेजा है। अब वित्तीय स्वीकृति का इंतजार है। सोरसन में 10 साल से तैयार हट्स के संचालन के लिए अभी भी वन ग्राम समिति से बातचीत हर चल रही है। यह है बारां में पर्यटन स्थल रामगढ़ क्रेटर: भारत में ज्ञात चार इम्पैक्ट क्रेटरों में से एक। इसका व्यास करीब 3.5 किमी है। जियो-हेरिटेज साइट में शामिल। शेरगढ़ वाईल्डलाइफ: शेरगढ़ में वाईल्डलाइफ अभयारण्य और इसके बीच से परवन नदी गुजर रही है। यहां पर सफारी के लिए प्रस्ताव भी भेजे जा चुके है। शेरगढ़ विलेज: शेरगढ़ में किले पर आइकॉनिक ट्यूरिस्ट डेस्टिनेशन व हैरिटेज विलेज बनाने की तैयारी। सोरसन: काले हिरण के लिए प्रसिद्ध। खमनौर ब्रिडिंग सेंटर बनाया जा रहा है। पर्यटक हट्स के संचालन की कमी। शाहाबाद: हाड़ौती का सबसे सघन जंगल है। शाहाबाद किला व कुंडाखोह प्रपात। वाइल्ड लाइफ।