नेपाल में गुरुवार रात 9:18 बजे 3.2 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, इसका केंद्र 10 किमी की गहराई पर था। इसी के साथ नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। चीन ने बताया है कि रसुवागढ़ी बॉर्डर से 18 किमी ऊपर तिब्बत के ल्हेंदे नदी में एक नई बैरियर झील बन गई है। झील करीब 0.11 वर्ग किमी में फैली है। इसमें करीब करीब 200 करोड़ लीटर पानी जमा है। अगले 3 दिनों में 300 करोड़ लीटर और पानी आ सकता है। झील का बांध टूटा तो नेपाल के भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में फिर अचानक बाढ़ आ सकती है। बुधवार को नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास ल्हेंदे नदी में ग्लेशियर टूटने से बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। नेपाल में बाढ़ से अब तक 389 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 1500 लोग लापता हैं। इनमें 290 भारतीय नागरिक हैं। वहीं, अब तक 84 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया है। इनमें त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के 63 कर्मचारी और तमिलनाडु के 21 लोग शामिल हैं। पहाड़ से उतर रही नदी ने तबाही मचाई- 3 तस्वीरें जान बचाने की जद्दोजहद- 2 तस्वीरें लैंडस्लाइड से 5.2 तीव्रता के भूकंप जितना झटका बुधवार सुबह 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास तेज झटके महसूस किए गए। शुरुआत में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था। लेकिन बाद में पता चला कि पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ ल्हेंदे खोला नदी में गिरा था। ल्हेंदे खोला, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है। भोटेकोशी चीन से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है। बाद में USGS ने भी स्पष्ट किया कि 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा यह झटका लैंडस्लाइड के कारण पैदा हुआ था। खबर से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…