पंचायतीराज चुनाव को लेकर रणभेरी शुरू हो चुकी है। प्रत्याशियों के नाम फाइनल होने के साथ ही अब जिला प्रमुख की दावेदारी को लेकर भाजपा-कांग्रेस में अपनों के बीच ही कड़ा मुकाबला है। इस बार जिला प्रमुख की सीट सामान्य होने से भाजपा-कांग्रेस में पांच से सात दावेदारों के बीच अभी से कड़ी टक्कर होने की संभावना है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा-कांग्रेस के एमएलए प्रत्याशी, ठेकेदार से लेकर कई युवा राजनेता भी जिला प्रमुख की दौड़ में हैं। 66 साल से एकतरफा कांग्रेस के कब्जे वाली जिला प्रमुख की सीट पर इस बार भाजपा भी कड़े मुकाबले में है। एक दिन पहले भाजपा छोड़ कांग्रेस में आए हेमाराम का नामांकन खारिज जिला परिषद के 37 वार्डों के लिए 191 प्रत्याशियों ने नामांकन भरे थे। इनमें 54 प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हो गए। इनमें वार्ड संख्या 4 से भाजपा प्रत्याशी साबू खां का नामांकन खारिज हुआ है। जबकि कांग्रेस के वार्ड संख्या 6 से हेमाराम और वार्ड 35 से आवड़दान का नामांकन खारिज हुआ है। वार्ड संख्या 6 से हेमाराम एक दिन पूर्व ही भाजपा छोड़ कांग्रेस में आए थे। कांग्रेस ने उन्हें प्रत्याशी बनाया था। अब नामांकन खारिज होने से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। एमएलए बने नहीं, अब जिला प्रमुख की दौड़ में शामिल भाजपा: बायतु से विधानसभा का चुनाव लड़े बालाराम मूढ़, शिव विधानसभा से चुनाव लड़े खुमाणसिंह सोढ़ा, प्रभा चौधरी, ठेकेदार मनोहर पाबड़ा जिला प्रमुख के दावेदार हैं। कांग्रेस: कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा, पूर्व जिलाध्यक्ष गफूर अहमद, फतेह खां, राजेंद्र चौधरी, भैरोसिंह गोरसिया समेत कई जिला प्रमुख के दावेदार हैं। भाजपा-कांग्रेस दोनों में बागी, मनाने में जुटी पार्टियां जिला परिषद से चुनाव लड़ने के लिए इस बार एक-एक सीट पर 3 से 5 तक दावेदार थे। ऐसे में पार्टियों ने कई प्रत्याशियों को दूसरी सीटों से भी चुनाव लड़वाया। कई दिग्गज दावेदारों की टिकट कट गई। ऐसे में अब निर्दलीय ताल ठोक रहे हैं। भाजपा-कांग्रेस में इस बार ऐसे कई दावेदार है जो बागी होकर चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टियां उन्हें मनाने में जुटी है। दिलचस्प मुकाबला : वार्ड 33 में 3 दोस्तों में मुकाबला जिला परिषद के वार्ड संख्या 33 का चुनाव इस बार बेहद रोचक है, क्योंकि इस सीट पर भाजपा, कांग्रेस और आरएलपी से चुनाव लड़ रहे तीनों उम्मीदवार मित्र हैं। ठेकेदारी का काम भी साथ में करते रहे। वे हमेशा साथ रहे। अब इस चुनाव में तीनों एक ही सीट से मैदान में उतरे हैं। इनमें भाजपा से बांकाराम धतरवाल, कांग्रेस से रूगनाथराम और आरएलपी से अशोक कुमार हैं।