राजस्थान हाईकोर्ट की सख्त हिदायत के बाद उदयपुर के रवींद्रनाथ टैगोर (आरएनटी) मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने परिसर और अपने सभी संबद्ध अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन ने 18 सितंबर को आदेश जारी कर सभी संबद्ध अस्पतालों के अधीक्षकों, नोडल अधिकारियों, प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों और प्रभारियों को 20 निर्धारित बिंदुओं पर अनुपालन डेटा 24 सितंबर को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। यदि हाईकोर्ट के निर्देशों के पालन में कोई ढिलाई पाई जाती है, तो संबंधित अधीक्षक या प्रभारी अधिकारी इसके लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। ऐसी स्थिति में उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कोर्ट की अवमानना का मामला भी दर्ज कराया जा सकता है। अधिकारियों को 20 बिंदुओं का प्रोफॉर्मा भरकर देना अनिवार्य अधिकारियों को टॉयलेट और यूरिनल की उपलब्धता से जुड़े 20 महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी तैयार करनी होगी। इनमें पुरुष, महिला और अस्पताल स्टाफ के लिए पृथक टॉयलेट-यूरिनल की संख्या। भवनों की छत, दरवाजों, खिड़कियों और प्लंबिंग की वर्तमान स्थिति। जलापूर्ति, वाटर टैंक की सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था का ब्योरा और नियमित सफाई, सफाई कर्मचारियों की संख्या व मरम्मत कार्यों का रिकॉर्ड जमा करना होगा। इसलिए कवायद: बता दें कि यह कवायद राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर पीठ) द्वारा गत 11 अगस्त को दिए गए उस फैसले के तहत की जा रही है, जिसमें प्रदेश के सभी शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों में पर्याप्त टॉयलेट, यूरिनल, पानी की उपलब्धता, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया था। अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रोफॉर्मा अनुसार ब्योरा तैयार कर जल्द हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है।