इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने पाकिस्तान के लॉर्ड्स टेस्ट से हटने की धमकी के बाद ब्रिटेन सरकार से मदद मांगी थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ECB CEO रिचर्ड गोल्ड ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से संपर्क किया था। उन्हें डर था कि इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू प्रसारित होने के बाद पाकिस्तान की टीम मैदान पर लौटने से इनकार कर सकती है। मामला लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन लंच ब्रेक का है। स्काई स्पोर्ट्स ने इमरान के बेटों सुलेमान और कासिम खान का माइकल एथर्टन के साथ 18 मिनट का इंटरव्यू प्रसारित करने की तैयारी की थी। PCB ने चैनल को ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी थी। PCB ने मैच छोड़ने की चेतावनी दी थी रिपोर्ट के मुताबिक, PCB ने कहा था कि अगर इंटरव्यू प्रसारित हुआ तो पाकिस्तान के खिलाड़ी लंच के बाद मैदान पर नहीं लौटेंगे। इससे लॉर्ड्स टेस्ट रुकने की आशंका पैदा हो गई थी। इसी स्थिति को देखते हुए ECB ने ब्रिटेन सरकार से संपर्क किया। गोल्ड ने विदेश मंत्रालय से संभावित विवाद को संभालने और मैच को तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रखने में मदद मांगी। हालांकि, पाकिस्तान ने अपनी धमकी पर अमल नहीं किया। स्काई स्पोर्ट्स ने इंटरव्यू को लंच ब्रेक के आखिरी हिस्से में प्रसारित किया और पाकिस्तानी खिलाड़ी दूसरे सेशन के लिए मैदान पर लौट आए। 2006 के ओवल टेस्ट जैसी स्थिति का डर ECB को इस विवाद के दौरान 2006 के ओवल टेस्ट की घटना दोहरने की आशंका थी। उस मैच में गेंद से छेड़छाड़ के फैसले पर विवाद के बाद पाकिस्तान की टीम चाय के बाद मैदान पर नहीं लौटी थी। इंग्लैंड को बाद में मैच का विजेता घोषित कर दिया गया था। यह टेस्ट क्रिकेट में अब तक का एकमात्र मुकाबला है, जिसमें टीम के मैदान पर नहीं लौटने के कारण मैच गंवाया गया। इमरान के बेटों ने पिता की सुरक्षा पर चिंता जताई माइकल एथर्टन ने सुलेमान और कासिम से इमरान खान की जेल में स्थिति को लेकर बातचीत की थी। दोनों ने अपने पिता की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। कासिम ने दावा किया कि इमरान को जेल में लंबे समय तक रखने और उन्हें चुप कराने की कोशिश की जा रही है। इमरान अगस्त 2023 से जेल में हैं और भ्रष्टाचार समेत कई मामलों में सजा काट रहे हैं। माइकल एथरटन ने इंटरव्यू लिया था यह इंटरव्यू इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मौजूदा स्काई स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर माइकल एथरटन ने लिया था। इसमें सुलेमान और कासिम खान ने जेल में बंद अपने पिता इमरान खान के साथ हो रहे बर्ताव और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। दोनों ने इमरान की स्थिति को लेकर ब्रिटेन सरकार की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। इमरान पिछले तीन साल से जेल में हैं। कोच सरफराज बोले- मुझे नहीं पता था इंटरव्यू विवाद पर पाकिस्तान के हेड कोच सरफराज अहमद ने कहा है कि टीम को इसकी जानकारी नहीं थी। वे लॉर्ड्स टेस्ट मैच के दूसरे दिन के खेल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या लंच के बाद पाकिस्तान की टीम मैदान पर नहीं लौटने वाली थी। इसपर उन्होंने कहा कि- ‘मुझे कुछ नहीं पता। मैं सिर्फ मैच पर ध्यान दे रहा हूं। मुझे इंटरव्यू के बारे में नहीं पता। हम उस समय लंच कर रहे थे।’ पाकिस्तानी चैनल PTV ने इंटरव्यू के बीच विज्ञापन चलाया यह इंटरव्यू पाकिस्तान में मैच के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर PTV पर भी प्रसारित किया गया। हालांकि, चैनल ने इसे कुछ ही देर दिखाने के बाद बीच में रोक दिया और स्पोर्ट्स कमर्शियल (विज्ञापन) चला दिया। प्रसारण अचानक कट होने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पूर्व क्रिकटरों ने इमरान के हेल्थ को लेकर दो लेटर भेजे दुनियाभर के पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने इमरान खान के सही इलाज को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को 2 लेटर भेजे हैं। पहला लेटर फरवरी में भेजा गया था, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। दूसरा पत्र 23 अगस्त को भेजा गया। इसमें भारत के सुनील गावस्कर, कपिल देव समेत 21 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ सरकार वर्ल्डकप विजेता कप्तान इमरान खान को सही मेडिकल इलाज देने की मांग रखी। ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट और वनडे कप्तान पैट कमिंस ने भी इस मांग का समर्थन किया है। इससे पहले 21 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इमरान को अस्पताल में एडमिट किया गया था, बाद में फिर अदियाला जेल भेज दिया गया। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा सुनाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई अन्य मुकदमे भी दर्ज कर दिए गए। समय के साथ सिफर और इद्दत निकाह मामलों में अदालत ने उन्हें राहत दे दी, जबकि तोशाखाना की एक सजा पर भी रोक लगा दी गई। इसके बावजूद अन्य लंबित कानूनी मामलों और नए केसों के चलते उनकी रिहाई नहीं हो सकी है और वे लगातार जेल में ही हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी PTI का दावा है कि 2022 में सत्ता गंवाने के बाद उन्हें चुनाव और राजनीति से बेदखल करने के लिए ये तमाम फर्जी केस दर्ज कराए गए। हालांकि, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया बताती है।