पाली में पहली बार आयोजित सामूहिक अनंत चतुर्दशी उद्यापन का धार्मिक कार्यक्रम शुक्रवार को गीता मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ हुआ। श्रीमाली ब्राह्मण समाज विकास समिति के युवा संगठन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पाली सहित जोधपुर, माउंट आबू, बड़ौदा, सोजत, जयपुर, कंटालिया, रोहट, जालोर और अजमेर से आए 53 परिवारों के पति-पत्नी ने सामूहिक रूप से भगवान अनंत का उद्यापन किया। पंचदेव पूजन से हुआ शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 9 बजे पंचदेव पूजन के साथ हुआ। पंडित संजय अवस्थी, विशाल जोशी, आचार्य शास्त्री कृष्णकांत मिश्रा के साथ युवा पंडितों की टीम ने वैदिक विधि-विधान से पूजन और अनुष्ठान कराया। अलग-अलग आसनों पर बैठे 53 परिवारों ने सामूहिक रूप से भगवान की पूजा-अर्चना की। इसके बाद भगवान अनंत के स्वरूप का आह्वान कर अनंत सूत्रों का षोडशोपचार पूजन किया गया। आचार्य शास्त्री कृष्णकांत मिश्रा ने भगवान अनंत की कथा का वाचन करते हुए अनंत पूजा के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बताए। झांकी और कलश यात्रा निकाली गीता मंदिर परिसर में केले के वृक्षों और पत्तों से भगवान अनंत के पूजन विधान के अनुरूप आकर्षक झांकी सजाई गई। दुग्ध तलैया और भगवान विष्णु के मनमोहक स्वरूप ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। अनुष्ठान के बाद गीता मंदिर से गांधी मूर्ति होते हुए समाज भवन और शिववाड़ी तक कलश यात्रा निकाली गई। समाज भवन में उद्यापनकर्ताओं ने अनंत धारकों का स्वागत कर दक्षिणा दी। इसके बाद महालक्ष्मी स्तुति, अर्पण, सामूहिक प्रसादी और न्याति भोज हुआ। कम खर्च में सामूहिक धार्मिक संस्कार समाज अध्यक्ष पी.एम. जोशी ने बताया कि एकल परिवार के जरिए उद्यापन करने में करीब दो लाख रुपए तक खर्च आता है, जबकि सामूहिक आयोजन में लगभग 15 हजार रुपए में परिवारों को धार्मिक संस्कार संपन्न कराने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यह पहल धार्मिक परंपराओं के साथ सामाजिक सहभागिता और सामूहिकता को बढ़ावा देने वाली है और युवाओं को सनातन संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनेगी। गीता मंदिर केस्वामी प्रेमानंद ने आशीर्वचन देते हुए अनंत कथा को भगवान श्रीकृष्ण के वचन बताया और संस्कृति को बढ़ावा देने वाला बताया। आयोजन में सिद्धार्थ दवे, संदीप दवे, अभिषेक व्यास, पुनित त्रिवेदी, राकेश दवे, रविशंकर दवे, योगेंद्र ओझा, मनोहर दवे सहित युवा टीम का योगदान रहा।