पाली के बांगड़ हॉस्पिटल परिसर में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) का शनिवार को केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रीतम बी. यशवंत ने निरीक्षण किया। उन्होंने जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमन (डीएचईडब्ल्यू) की कार्यप्रणाली और सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं सेवाओं की जानकारी ली। आवासीय सुविधा, काउंसलिंग के बारे में भी पूछताछ कीं संयुक्त सचिव ने सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी देवी बामणिया से पीड़ित महिलाओं के लिए उपलब्ध आवासीय सुविधा, काउंसलिंग, चिकित्सा एवं कानूनी सहायता तथा महिला हेल्पलाइन (डब्ल्यूएचएल) के माध्यम से प्राप्त होने वाले प्रकरणों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने केंद्र के विभिन्न रजिस्टरों, रिकॉर्ड एवं प्रकरणों से संबंधित पत्रावलियों का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। प्रकरणों की समीक्षा के दौरान महिलाओं को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं काउंसलिंग कार्य की भी जानकारी ली गई। संयुक्त सचिव ने सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि जरूरतमंद महिलाओं और बालिकाओं को समय पर सहायता मिल सके। योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी समय पर पहुंचाने के दिए निर्देश जेंडर स्पेशलिस्ट राजश्री ने बताया कि डीएचईडब्ल्यू ने महिलाओं से संबंधित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी महिला सभाओं, विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामुदायिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं तक पहुंचाई जा रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं एवं उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें सशक्त बनाना है। उन्होंने डीएचईडब्ल्यू एवं विभाग द्वारा महिलाओं को दी गई। सहायता से संबंधित सफल प्रकरणों एवं उपलब्धियों की जानकारी भी संयुक्त सचिव के समक्ष साझा की। संयुक्त सचिव प्रीतम बी. यशवंत एवं रीति महाबे ने सखी वन स्टॉप सेंटर एवं डीएचईडब्ल्यू के समस्त कार्मिकों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम महिलाओं एवं बालिकाओं को सहायता एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए समर्पण एवं पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। निरीक्षण के दौरान पंकज सौरभ, डीएसएमओडब्ल्यूडी, भागीरथ चौधरी, उपनिदेशक, महिला अधिकारिता विभाग, डीएचईडब्ल्यू के कार्मिक, जेंडर स्पेशलिस्ट राजश्री, सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम तथा संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।