पंचायत चुनाव में रिटर्निंग अधिकारी (RO) बनाए जाने पर पहले से लगी चुनावी ड्यूटी छूट का आधार नहीं बनेगी। निर्वाचन प्रकोष्ठ या RO कार्यालय में काम कर रहे अधिकारियों को भी यह जिम्मेदारी निभानी होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर ने 9 अक्टूबर को आदेश जारी कर RO बनने वाले कार्मिकों की जगह दूसरे कर्मचारियों की व्यवस्था पहले से करने के निर्देश दिए हैं। पहले से तैनात कार्मिक भी बनेंगे RO पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के लिए जिले में अलग-अलग निर्वाचन प्रकोष्ठ बनाए गए हैं। इनमें प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य, व्याख्याता और संस्थापन अधिकारियों सहित कई कार्मिक तैनात हैं। इनमें से कुछ को पंच-सरपंच चुनाव के लिए RO नियुक्त किया जाएगा। पहले से चुनावी काम में लगे होने के बावजूद उन्हें इस जिम्मेदारी से छूट नहीं मिलेगी। वैकल्पिक कार्मिकों की करनी होगी व्यवस्था आदेश के अनुसार, संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों (पंचायत समिति) को पहले से दूसरे कार्मिकों की व्यवस्था करनी होगी। ये कर्मचारी RO नियुक्त होने वाले अधिकारियों की जगह निर्वाचन प्रकोष्ठों का काम संभालेंगे, ताकि चुनाव की तैयारियां प्रभावित न हों और RO अपनी नई जिम्मेदारी निभा सकें।