फलोदी नगरपरिषद के सभापति पद के लिए मतदान जारी है। नगरपरिषद में पार्षद अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। मतदान सुबह 10 बजे शुरू हुआ है और दोपहर 2 बजे तक चलेगा। इसके बाद मतगणना होगी और सभापति चुनाव का परिणाम घोषित किया जाएगा। सभापति पद के लिए भाजपा के मेघराज कल्ला, कांग्रेस की श्रीकांता व्यास और निर्दलीय पन्नालाल व्यास के बीच मुकाबला है। रिटर्निंग अधिकारी और एसडीएम पूजा चौधरी के अनुसार सभापति चुनाव के लिए मतदान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कराया जा रहा है। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद चुनाव परिणाम घोषित किया जाएगा। भाजपा 20 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी फलोदी नगरपरिषद के पार्षद चुनाव में भाजपा ने 20 सीटें जीती हैं। कांग्रेस के 13 पार्षद चुने गए, जबकि 7 निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। परिषद में कुल 40 वार्ड हैं। सभापति चुनाव में बहुमत के लिए 21 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में भाजपा पार्षदों की संख्या के लिहाज से सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद बहुमत के आंकड़े से एक सीट दूर थी। सभापति पद के लिए शुरुआत में पांच उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। इनमें भाजपा के बागी उम्मीदवार जेपी जोशी और कांग्रेस के अशोक व्यास ने नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद तीन उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए। निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम, भाजपा के समर्थन का दावा सात निर्दलीय पार्षदों के जीतने के बाद सभापति चुनाव में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। इनमें से ज्यादातर निर्दलीय पार्षदों के भाजपा प्रत्याशी मेघराज कल्ला के समर्थन में होने की बात सामने आई है। पार्षद चुनाव के बाद करीब पांच निर्दलीय पार्षदों के अपने घरों से बाहर होने की भी चर्चा रही। बताया जा रहा है कि ये पार्षद भाजपा के कथित प्रशिक्षण कैंप में हैं। भाजपा की ओर से बहुमत का आंकड़ा जुटाने का दावा किया गया है। हालांकि, किस उम्मीदवार को कितने पार्षदों का समर्थन मिला है, यह मतदान और मतगणना के बाद स्पष्ट होगा। पहली बार पार्षद बने हैं भाजपा प्रत्याशी मेघराज कल्ला भाजपा के सभापति प्रत्याशी मेघराज कल्ला पहली बार पार्षद चुने गए हैं। उनकी पत्नी ममता कल्ला ने भी पार्षद का चुनाव जीता है। अब मेघराज कल्ला सभापति पद के लिए चुनाव मैदान में हैं। दो बार पार्षद रह चुकी हैं कांग्रेस की श्रीकांता व्यास कांग्रेस प्रत्याशी श्रीकांता व्यास इस बार पार्षद का चुनाव हार गई थीं, लेकिन इससे पहले वे दो बार पार्षद रह चुकी हैं। वे राजनीतिक परिवार से आती हैं। उनके ससुर स्वर्गीय पन्नालाल व्यास लदूभा कांग्रेस नेता और पार्षद रह चुके हैं। पूर्व सभापति पन्नालाल व्यास ने मुकाबला बनाया त्रिकोणीय निर्दलीय प्रत्याशी पन्नालाल व्यास इस बार पार्षद का चुनाव हार गए थे। वे पिछले नगरपरिषद बोर्ड में कांग्रेस के सभापति रह चुके हैं। इस बार कांग्रेस ने पार्षद चुनाव में उनका टिकट काट दिया था। इसके बाद उन्होंने वार्ड 7 से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। पन्नालाल व्यास के छोटे बेटे अजय व्यास ने वार्ड 3 से पार्षद का चुनाव जीता है। पन्नालाल व्यास के सभापति पद के चुनाव में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। अब नगरपरिषद में जारी मतदान के बाद दोपहर में होने वाली मतगणना से साफ होगा कि सभापति की कुर्सी किसके खाते में जाती है। फलोदी नगरपरिषद में जीते प्रत्याशियों की लिस्ट