विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार को पिलादर के आयुर्वेद विभाग की ओर से आयुष्मान आरोग्य मंदिर संगोष्ठी हुई। इसमें मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, मानसिक रोगों की पहचान, उनसे बचाव तथा मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रियंका जैन ने बताया- आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत चयनित आरोग्यमित्र एवं आरोग्य सखियों को मानसिक रोगों के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने, मानसिक रूप से परेशान व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने तथा उन्हें उचित चिकित्सा एवं परामर्श के लिए प्रेरित करने की जानकारी दी गई। साथ ही, मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में आयुर्वेदिक औषधियों की भूमिका के बारे में भी बताया गया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षक दिनेश रेबारी ने मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में योग एवं प्राणायाम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, कपालभाति, ॐ का जाप, ध्यान एवं योगनिद्रा जैसी योग विधियों के नियमित अभ्यास की जानकारी देते हुए इनके महत्व से अवगत कराया। संगोष्ठी के दौरान सभी लाभार्थियों को शपथ दिलाई गई कि वे घर-घर जाकर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाएंगे तथा लोगों को मानसिक रोगों के लक्षणों को पहचानने, समय पर उचित सहायता लेने और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा ग्रामीण स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को जन-जन तक पहुंचाना रहा।