प्रतापगढ़ में स्थायी लोक अदालत के आदेश का पालन नहीं होने पर नगर परिषद आयुक्त कार्यालय को सील कर दिया गया। कोर्ट की टीम ने एक दिन की मोहलत के बाद यह कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान नगर परिषद आयुक्त मौके पर नहीं मिले। यह मामला नंदी गौशाला में गौवंश की व्यवस्थाओं से जुड़ा है। स्थायी लोक अदालत, जनोपयोगी सेवाएं, प्रतापगढ़ ने गौशाला में गौवंश के लिए चारा, पानी, शेड, सफाई, पानी निकासी और गौवंश की देखभाल सहित कई व्यवस्थाएं ठीक करने के निर्देश दिए थे। आयुक्त के ऑफिस और गाड़ी को सील करने का आदेश दिया आदेश का पालन नहीं होने पर प्रार्थी ने निष्पादन प्रार्थना पत्र पेश किया था। इस पर कोर्ट ने नगर परिषद कार्यालय और आयुक्त के वाहन को कुर्क कर सील करने के साथ 50 हजार रुपये वसूलने के आदेश दिए थे। साथ ही नगर परिषद के बैंक खातों के स्टेटमेंट भी मांगे गए थे। दरअसल, स्थायी लोक अदालत ने नांदी गौशाला में गौवंश के लिए छह महीने के चारे की एडवांस व्यवस्था करने को कहा था। शहर में घूम रहे बेसहारा गौवंश को पकड़कर गौशाला में शिफ्ट करने, पर्याप्त शेड, पक्के फर्श, पानी निकासी, साफ पानी और चारे की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए थे। इसके अलावा, गौशाला में 10 कर्मचारियों की नियुक्ति, रिकॉर्ड रखने, गौवंश की संख्या का सत्यापन, नियमित टीकाकरण, उपचार और सफाई व्यवस्था सुधारने के भी निर्देश थे। आदेश के पालन के लिए गुरुवार को कोर्ट की टीम प्रार्थी के साथ नगर परिषद पहुंची थी। तब आयुक्त ने निकाय चुनाव की आचार संहिता का हवाला देकर कार्रवाई के लिए एक दिन का समय मांगा था। कोर्ट की टीम और प्रार्थी की सहमति के बाद नगर परिषद को एक दिन की मोहलत दी गई थी। आयुक्त कार्यालय को सील किया लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी आदेश की पालना नहीं होने पर आज कोर्ट की टीम ने नगर परिषद पहुंचकर कार्रवाई की। टीम ने नगर परिषद आयुक्त कार्यालय को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान आयुक्त मौके पर नहीं मिले। स्थायी लोक अदालत के आदेश की पालना नहीं होने के मामले में अब आगे की न्यायिक कार्रवाई भी जारी रहेगी। कोर्ट के पूर्व आदेश के तहत 50 हजार रुपये की वसूली, नगर परिषद के बैंक खातों के स्टेटमेंट और कुर्की से जुड़ी कार्रवाई भी मामले का हिस्सा है। नांदी गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर कोर्ट के निर्देशों की पालना अब इस पूरे मामले का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।