कांग्रेस ने पंचायतीराज चुनाव के लिए 41 जिलों में पर्यवेक्षक लगाया है। इनमें 5 सांसद और 7 विधायक भी शामिल हैं। इसमें 6 नेताओं को दो-दो जिलों में पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के गृह जिले अलवर का पर्यवेक्षक लगाया है। सांसद मुरारीलाल मीणा को भरतपुर-डीग, विधायक रोहित बोहरा को उदयपुर-सलूंबर, रफीक खान को डूंगरपुर-बांसवाड़ा, सेवादल के प्रदेश मुख्य संगठक हेम सिंह शेखावत को जोधपुर-फलौदी और पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया को नागौर व डीडवाना-कुचामन जिले का पर्यवेक्षक लगाया है। इन सासंदों को लगाया पर्यवेक्षक: मुरारीलाल मीणा, कुलदीप इंदौरा, भजनलाल जाटव, बृजेंद्र ओला, उम्मेदाराम बेनीवाल। इन 7 विधायकों को लगाया पर्यवेक्षक : रामकेश मीणा, रोहित बोहरा, अमीन कागजी, रफीक खान, प्रमोद जैन भाया, डूंगरराम गेदर, अनिल शर्मा। पंचायत चुनाव का मैनेजमेंट संभालने से लेकर बाड़ेबंदी तक रखेंगे निगरानी पर्यवेक्षक लगाए गए नेता पंचायत चुनाव का मैनेजमेंट संभालने से लेकर पूरी निगरानी रखेंगे। प्रदेशाध्यक्ष को लगातार फीडबैक देंगे। टिकट वितरण के बाद समय पर उम्मीदवार का सिंबल जमा होने से लेकर चुनाव प्रचार की रणनीति बनाने में भी इनकी भूमिका रहेगी। वोटिंग के बाद बाड़ेबंदी का मैनेजमेंट संभालने में भी पर्यवेक्षकों का रोल रहेगा। जिले में प्रमुख और प्रधान बनाने के लिए बाड़ेबंदी से लेकर उम्मीदवारों के चयन तक लगातार प्रदेश नेतृत्व को फीडबैक देंगे। निकाय से सबक लेकर बदली रणनीति निकाय चुनाव में कई जगह पर बहुमत के बावजूद बोर्ड नहीं बनाने से सबक लेकर कांग्रेस ने पंचायतीराज चुनाव में रणनीति बदल दी है। कांग्रेस ने पंचायतीराज चुनाव के लिए जिलेवार पर्यवेक्षक लगाने के साथ पंचायत स​मितिवार प्रभारी लगाए हैं। कंट्रोल रूम बनाकर निगारानी रखी जा रही है। जिलों के विधायकों और विधायक उम्मीदवारों को भी जिम्मेदारी दी है। कांग्रेस के 41 जिलों में लगाए गए पर्यवेक्षकों की लिस्ट