राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रतापगढ़ के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जीवराज मीणा को रिश्वत मामले में राहत दी। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर आगे की कार्रवाई रोकी। जस्टिस सुनील बेनीवाल की एकल पीठ ने सुनवाई की। डॉ. जीवराज मीणा ने याचिका लगाकर 31 अगस्त को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। वकील विकास बालिया ने दलील दी कि डॉ. मीणा को झूठा फंसाया गया। रिश्वत की रिकॉर्डिंग नहीं मिली। एफआईआर से पहले जरूरी मंजूरी नहीं ली गई। अगली सुनवाई तक कार्रवाई पर रोक सरकारी वकील श्रीराम चौधरी ने 6 अक्टूबर की रिपोर्ट का जिक्र किया। उन्होंने बताया- एक रिकॉर्डिंग उपलब्ध है, जिसमें रिश्वत मांगने का संकेत मिलता है। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने एफआईआर की आगे की कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई। कोर्ट ने राज्य सरकार को केस डायरी पेश करने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को है।