राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 के लिए आरक्षण की लॉटरी बुधवार को निकाली जाएगी। इन चुनावों के तहत 41 जिला प्रमुख पद की लॉटरी 13 अगस्त को निकाली जा चुकी है, जबकि 1403 जिला परिषद सदस्य, 8245 पंचायत समिति सदस्य और 457 प्रधान की लॉटरी बुधवार को संबंधित जिला मुख्यालयों पर निकाली जाएगी। 457 पंचायत समिति प्रधानों में तय कोटे के हिसाब से एससी के 79, एसटी के 93 और ओबीसी के लिए करीब 56 पद आरक्षित होंगे। पंचायत समितिवार जिलों में आरक्षण तय होगा। 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण नहीं हो सकता, इसलिए ओबीसी के प्रधान पदों में कुछ फेरबदल हो सकता है। 228 से 229 प्रधानों के पद ओपन कैटेगरी में रहेंगे। पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण लागू है। ऐसे में 1.55 लाख कुल पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों में से 77 हजार से ज्यादा महिला चुनी जाएंगी। हर कैटेगरी में 50 फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। सरपंच और वार्ड पंचों की लॉटरी उपखंड स्तर पर 24 सितंबर को होगी। ऐसे में दो दिन में 1.55 लाख पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। कैसे तय होगा आरक्षण? पंचायतीराज संस्थााओं में आरक्षण रोटेशन से तय होता है। हर बार नए सिरे से आरक्षण की लॉटरी निकाली जाती है। पिछली बार जो वार्ड जिस वर्ग के लिए आरक्षित था, इस बार वो बदल जाएगा। पिछली बार वाला आरक्षण नहीं रहेगा। पिछली बार जो पंचायत समिति या वार्ड आरक्षित था, हो सकता है इस बार वह ओपन कैटेगरी में हो जाए। पिछले चुनाव से अलग होगा आरक्षण पंचायतीराज संस्थाओं के आरक्षण के लिए पैटर्न तय है। पिछले चुनाव में जो पंचायतीराज संस्थाएं जिस वर्ग के लिए रिजर्व थे, उन्हें अलग करके लॉटरी निकाली जाएगी और उससे आरक्षण तय किया जाएगा। पिछले चुनाव में जो सीट सामान्य थी, वो इस बार आरक्षित हो सकती है। वहीं जो पिछली बार आरक्षित थीं, वे ओपन या दूसरी कैटेगरी के लिए आरक्षित हो सकती है। परिसीमन के बाद पंचायतीराज संस्थाओं का बदला नक्शा प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के इलाकों में भारी फेरबदल हुआ है। जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के वार्डों से लेकर उनके इलाकों में परिसीमन कर बदलाव किया गया है। परिसीमन के बाद पहली बार हो रहे चुनाव में इस बार ज्यादा पंचायतीराज जनप्रतिनिधि बनेंगे। ओबीसी आयोग की सिफारिश के हिसाब से ओबीसी आरक्षण तय होगा ओबीसी आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों के हिसाब से ​जिला परिषद, पंचायत समिति मेंबर्स और प्रधानों का आरक्षण तय होगा। ओबीसी की जहां जनसंख्या ज्यादा है, उस हिसाब से ही वार्ड आरक्षित किए जाएंगे। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में देरी का हवाला देकर ही पंचायतीराज और निकाय चुनाव में देरी की गई थी। आरक्षण की लॉटरी के बाद 26 सितंबर को पंचायत चुनाव की घोषणा संभव पंचायतीराज संस्थाओं के आरक्षण की 23 और 24 सितंबर को लॉटरी होने के बाद चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा होने की संभावना है। आमतौर पर आरक्षण लॉटरी के दो दिन बाद चुनाव की घोषणा होती रही है। इस हिसाब से 26 सितंबर को चुनाव की घोषणा होने की संभावना है। यह खबर भी पढ़ें... अजमेर-सीकर समेत 20 जिलों में महिला जिला प्रमुख होंगी:जयपुर-जोधपुर में पद सामान्य, लॉटरी में महिला आरक्षण फॉर्मूले पर हुआ था विवाद जयपुर में गुरुवार दोपहर 41 जिला प्रमुखों की आरक्षण लॉटरी निकाली गई। सीकर समेत 20 जिलों में महिला जिला प्रमुख होंगी। जयपुर-जोधपुर में जिला प्रमुख का पद अनारक्षित (सामान्य) रहा। ऐसे में यहां किसी भी वर्ग से जिला प्रमुख बन सकता है। बीकानेर संभाग के सभी जिलों में महिला जिला प्रमुख होंगी। (पूरी खबर पढ़ें)