नमस्कार, निकायों के मेयर-सभापति यूं ही नहीं बन जाते, जनता के आशीर्वाद के साथ-साथ 'खेला' भी आना चाहिए। निकाय चुनाव हो गए, अब पंचायत की तैयारी कीजिए। सीकर में जिलाध्यक्ष मैडम ने अपने अध्यक्ष प्रत्याशी को शपथ दिलाकर ही दम लिया और चुनावी चिक-चिक से दूर नागौर में विधायक जी खूब छतरी डांस किया। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. मेयर-सभापति चुनाव में ‘कहीं खुशी कहीं गम’ नगरपालिका के गेट पर पूर्व विधायक मैडम की बस को रोक लिया गया। ऐसा नहीं था कि बस को RTO ने चालान काटने के लिए रोका था। बस में पार्षद थे। पार्षदों का बहुमत था। नगरपालिका में घुसते ही बोर्ड बनना तय था। ऐसे में कुछ न कुछ खेल तो होना ही था। पुलिस के साथ जब मैडम ने विरोधी पार्टी के विधायक जी को देखा तो उखड़ गईं। तुरंत मोबाइल निकाला और सोशल मीडिया पर लाइव करने लगीं। बोले- ये देखिए हमें वोट डालने से रोका जा रहा है। विधायक जी के इशारे पर प्रशासन काम कर रहा है। हमारे पास बहुमत है, नगरपालिका में घुसने नहीं दिया जा रहा। हालांकि सभी पार्षद नगरपालिका में घुसे भी और वोट भी डाला। पार्षद ने अध्यक्ष पद की शपथ ली तब सांस में सांस आई। झीलों की नगरी में फूल वाली पार्टी के मेयर बड़े भावुक हैं। बात-बात पर रो देते हैं। टिकट मिला तब भावुक हो गए थे। मेयर का चुनाव जीता तो जिलाध्यक्ष के कंधे पर झीलें ही बहा दीं। अजमेर में भी खेला कम नहीं हुआ। बहुमत के आंकड़े के करीब हाथ वाली पार्टी थी। वोट डालने उनके सभी पार्षद एक जैसी यूनिफॉर्म में पहुंचे। उधर फूल वाले फुल कॉन्फिडेंस में थे। सारे निर्दलीयों को सोर-समेट कर ले गए और मेयर बना लिया। हाथ वाली मैडम कुर्सी पर निढाल होकर बैठ गईं। नई मेयर मैडम ने उन्हें गले लगाया और गलबहियां कर फोटो खिंचाया। पाली में भी तगड़ा उलटफेर। यहां सभापति बना तो कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष को कंधों पर उठा लिया। जिलाध्यक्ष बोले- नई टीम नए तरीके से काम कर रही है। पाली में प्रदेशाध्यक्ष जी की नाक का भी सवाल था। उनसे ‘खेला’ को लेकर सवाल पूछा तो बोले- हमें करना ही होता तो और जगह भी कर सकते थे। 2. शपथ दिलाकर ही दम लिया सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है- वाले भाव के साथ सीकर जिलाध्यक्ष मैडम गेट पर मोर्चा संभाले हुए थीं। बाड़ेबंदी में लोसर नगर पालिका के कांग्रेस पार्षद थे। गेट पर भीड़ जुटी हुई थी। भीड़ में कुछ लोग ‘अपने आदमी’ को स्वतंत्र कराना चाहते थे। जिलाध्यक्ष मैडम का पारा हाई हो गया। उन्होंने बंद गेट के अंदर से ही भीड़ को ललकारना शुरू किया। बोलीं- ये हमारे पार्षद छीनना चाहते हैं। इनमें से एक तो बीजेपी का पार्षद प्रत्याशी था। भीड़ के साथ काफी तीखी नोक-झोंक होती रही, लेकिन मैडम ने मैदान नहीं छोड़ा। खुद चीफ साहब ने मैडम से इस वाकये को लेकर बात की। आखिर माला के मनकों को लेकर मैडम नगर पालिका पहुंचीं और अपने पार्षद को अध्यक्ष पद की शपथ दिलाकर ही दम लिया। 3. चलते-चलते… नागौर में तेजाजी महाराज के मेले का भरपूर जोश है। विधायक रेवंतराम डांगा चुनावी कामों से फुरसत पाकर धार्मिक-सामाजिक आयोजनों में व्यस्त नजर आ रहे हैं। खींवसर से मुंदियाड जा रहे गजानंद महाराज के पैदल संघ के श्रद्धालुओं से मिले। एक नीली-सफेद छतरी हाथ लगी तो उसके साथ मनमोहक डांस कर डाला। हैसाबा के भोमिया जी के धाम जाकर धोक लगाई। इसके बाद मूंदियाड से खरनाक तक होने वाली साइकिल दौड़ प्रतियोगिता को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यहां एक साइकिल हाथ लग गई तो खुद साइकिल पर सवार होकर पैडल मारने लगे। एक तरह जहां नेतागण चुनाव को लेकर माथापच्ची करते दिखे तो दूसरी तरफ रेवंतराम कूल नजर आए। इनपुट सहयोग- अजमेर (भरत मूलचंदानी), जयदीप पुरोहित (जोधपुर), प्रकाश तंवर (नागौर), मुकेश हिंगड़ (उदयपुर), ओम टेलर (पाली)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगाी।