राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में SOG ने दो और अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने पेपर लीक गिरोह से परीक्षा से पहले सॉल्व पेपर पढ़कर लिखित परीक्षा दी थी। एक आरोपी ने पेपर के लिए 7 लाख रुपए में सौदा किया था, जबकि दूसरे आरोपी के लिए पेपर 20 लाख रुपए में उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। दोनों ने लिखित परीक्षा पास कर ली थी, हालांकि अलग-अलग कारणों से उनका अंतिम चयन नहीं हो सका। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेंद्र प्रताप सिंह, (28) निवासी डूंगरीकलां, थाना रेनवाल, जयपुर ग्रामीण और अनिल विश्नोई, (25) निवासी धर्मपुरी की ढाणी, भगतासनी, थाना लूणी, जोधपुर के रूप में हुई है। 7 लाख में खरीदा पेपर, 149 अंक किए हासिल एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी नरेंद्र प्रताप सिंह, निवासी डूंगरीकलां, थाना रेनवाल, जयपुर ग्रामीण ने अपने गांव के पेपर लीक सरगना विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ से 7 लाख रुपए में सौदा किया था। आरोप है कि विनोद के हैंडलर से परीक्षा से पहले लीक सॉल्व पेपर पढ़कर नरेंद्र ने परीक्षा दी। हिंदी विषय में नरेंद्र को 200 में से 149.09 अंक और सामान्य ज्ञान में 124.71 अंक मिले। वह लिखित परीक्षा में अवैध तरीके से पास हुआ, लेकिन मेरिट कम रहने के कारण SI पद पर अंतिम रूप से चयनित नहीं हो सका। दूसरे आरोपी ने 20 लाख में लिया था सॉल्व पेपर एडीजी एसओजी ने बताया कि दूसरे आरोपी अनिल विश्नोई, निवासी धर्मपुरी की ढाणी, भगतासनी, जोधपुर के संबंध में जांच में सामने आया कि उसने अपने भाई तेजाराम विश्नोई और पेपर लीक गिरोह के सदस्य शैतानाराम विश्नोई के जरिए 20 लाख रुपए में परीक्षा से पहले लीक सॉल्व पेपर पढ़ा था। जांच के अनुसार, शैतानाराम और गणपतलाल विश्नोई ने पेपर लीक सरगना भूपेंद्र सारण के हैंडलर के जरिए सॉल्व पेपर उपलब्ध कराया था। अनिल ने पेपर पढ़कर परीक्षा दी और हिंदी में 154.69 तथा सामान्य ज्ञान में 157.38 अंक हासिल किए। हालांकि, वह शारीरिक दक्षता परीक्षा में असफल रहा और SI पद पर अंतिम चयन से वंचित रह गया। पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं कई आरोपी SOG के अनुसार, पेपर लीक मामले में आरोपी विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ को 28 अगस्त 2025 को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आरोप-पत्र पेश किया जा चुका है। वहीं भूपेंद्र सारण को 16 मार्च 2024 और शैतानाराम विश्नोई को 22 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया जा चुका है। तेजाराम विश्नोई और गणपतलाल फरार बताए गए हैं। SOG कर रही पेपर लीक नेटवर्क की जांच कार्रवाई SOG के DIG भुवन भूषण यादव और पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में जांच अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चिरंजी लाल मीणा की टीम ने की। SOG अब आरोपियों से पूछताछ कर पेपर लीक नेटवर्क में उनकी भूमिका, पैसों के लेन-देन और सॉल्व पेपर उपलब्ध कराने वाले अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।