राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ (रेस्टा) जिला शाखा झुंझुनूं की ओर से एक निजी रिसॉर्ट में दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षणिक सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में शिक्षक हितों, विद्यार्थियों की समस्याओं, शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार तथा संगठन को अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया। इस दौरान शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को सरकार एवं संबंधित विभाग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा संगठन की एकजुटता बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (CDEO) झुंझुनूं अशोक शर्मा रहे, जबकि डाइट झुंझुनूं की प्राचार्य सुमित्रा झाझड़िया ने अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथि के रूप में ACBO झुंझुनूं सुनीता यादव, अखिल राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ी जाति कर्मचारी अधिकारी महासंघ के जिला अध्यक्ष पवन आलड़िया, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री देवकरण सैनी, समसा के AD कपिल कुलहरि तथा प्राचार्य रामावतार सैनी सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष संदीप सैनी, जिला महामंत्री जमनालाल, ब्लॉक अध्यक्षों एवं जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने अतिथियों को साफा, दुपट्टा, माला एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त रखने की मांग सम्मेलन में शिक्षक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। संगठन की ओर से इन मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए मंच के माध्यम से प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। शिक्षकों ने मांग की उन्हें गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखा जाए, ताकि वे विद्यार्थियों के शिक्षण एवं शैक्षणिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे सकें। इसके साथ ही DPC नियमित रूप से आयोजित करने, विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों के समय में परिवर्तन 15 अक्टूबर से करने, वरिष्ठता विलोपन के संबंध में उचित कार्रवाई करने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण शुरू करने और शिक्षकों के योग्यता अभिवृद्धि आवेदन ऑनलाइन माध्यम से करवाने की मांग रखी गई। शिक्षकों को BLO के कार्य से मुक्त रखने तथा RGHS की सुविधाओं को सुव्यवस्थित करने सहित अन्य मांगों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। नामांकन और शैक्षिक नवाचार पर भी जोर सम्मेलन में वक्ताओं ने केवल शिक्षक हितों तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों एवं सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े विषयों पर भी विचार रखे। पवन आलड़िया ने सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने तथा शैक्षिक नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। अन्य वक्ताओं ने भी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा शिक्षकों की भूमिका को प्रभावी बनाने से जुड़े सुझाव दिए। मुख्य अतिथि CDEO अशोक शर्मा ने संगठन के सकारात्मक एवं प्रभावी तरीके से कार्य करने के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। ACBO सुनीता यादव एवं डाइट प्राचार्य सुमित्रा झाझड़िया ने भी शिक्षा एवं संगठन से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। देवकरण सैनी एवं प्राचार्य रामावतार सैनी ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। जिलाध्यक्ष ने संगठन के उद्देश्यों पर डाला प्रकाश जिला अध्यक्ष संदीप सैनी ने अतिथियों, शिक्षकों, ब्लॉक अध्यक्षों एवं जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का परिचय करवाया। उन्होंने संगठन के उद्देश्यों, शिक्षक हितों एवं विभिन्न मांगों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से जुड़े विषयों को संगठित तरीके से उचित मंच पर उठाना और उनका समाधान करवाने के लिए निरंतर प्रयास करना संगठन की प्राथमिकता है। ये मौजूद रहे सम्मेलन में संदीप कुमार, जमनालाल, विजेंद्र बड़सरा, गौरधन लाल, फूलचंद, कृष्ण बजाज, पवन बजाज, सुनील कुमार, परमपिते सैनी, सुभाष चंद्र, आशू सिंह शेखावत, दिनेश कुमार, किरण सैनी, सुरेश कुमार, ममता सैनी, सुनीता कुमारी, लक्ष्मण कुमार, हेमेंद्र कुमार, लीलाधर लाम्बा, संजय कुमार, श्रवण कुमार, अशोक कुमार, जितेंद्र चंदेला, विजेंद्र, मुकेश कटारिया, विनोद कुमार, पवन कुमार, बलराम गुर्जर, संदीप कुमार, फूलचंद उपप्राचार्य, गौरव सैनी, धुक्कल राम सैनी, बालकृष्ण, मूलचंद सिंह, प्रकाश चंद सैनी, दिनेश कुमार सैनी, नंदराम सैनी, शंभूदयाल, संतोष कुमार, श्यामलाल, मुरारी सैनी, जगेश्वर लाल, श्रवण कुमार, बृज बिहारी, पवन कुमार केड, अनिल कुमार, सुमित निवाई, शैतान राम, सुशील कालीपाहड़ी, रामावतार, देवकरण एवं पवन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अध्यापक सुशील कुमार ने किया।