कोटा में राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में फर्स्ट ईयर स्टूडेंट की मौत के मामले में स्टूडेंट्स ने 31 घंटे बाद धरना खत्म किया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा मांगों पर लिखित आश्वासन देने के बाद प्रदर्शनकारी धरने से उठे और यूनिवर्सिटी कैंपस में कैंडल मार्च निकाला। इससे पहले दिनभर समझाइश का दौर चला। स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी का एक गेट बंद कर शुक्रवार को दिनभर गेट के सामने धरने पर बैठे रहे। यूनिवर्सिटी वीसी और एडीएम सिटी और एडिशनल एसपी ने छात्रों से समझाइश की। एडिशनल एसपी सुभाष चंद मिश्रा ने बताया- छात्रों की कुछ मांगें थी। इस पर दो दौर की वार्ता हुई। मैं खुद और एडीएम सिटी भी मौके पर थे। शाम को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्टूडेंट की मांगों के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्र धरने से उठ गए। बाथरूम में नजर आया ब्लैक कोबरा इस बीच यूनिवर्सिटी (RTU) हॉस्टल के बाथरूम में शुक्रवार को करीब 5 फीट लंबा ब्लैक कोबरा नजर आया। इसे देखकर स्टूडेंट डर गए और गार्ड को सूचना दी। स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने कोबरा का रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा। इससे पहले गुरुवार को हॉस्टल में एक स्टूडेंट की मौत हो गई थी। कुछ स्टूडेंट्स ने उसकी मौत सांप के काटने से होने की आशंका जताई है। ये मांग कर रहे थे स्टूडेंट्स प्रदर्शनकारी छात्र कैम्पस में मेडिकल ऑफिस के साथ 24x7 मेडिकल सुविधाएं, कैंपस रेनोवेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर, हॉस्टल रेनोवेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर, 24x7 रेस्क्यू टीम, साफ-सफाई (हॉस्टल और कैंपस), फूड सिक्योरिटी और पानी की सप्लाई बनाए रखना, हर जगह स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था और शाम 6 बजे के बाद गाड़ियों को हॉस्टल तक जाने के लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े थे। रातभर जारी रहा था धरना स्टूडेंट्स ने गुरुवार सुबह 11 बजे से धरने शुरू किया। जो रातभर जारी रहा। वहीं शुक्रवार सुबह यूनिवर्सिटी वीसी प्रो. निमित चौधरी स्टूडेंट्स के बीच पहुंचे। स्टूडेंट्स से बातचीत की, लेकिन प्रदर्शनकारी स्टूडेंट मांगों के लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। दोपहर में यूनिवर्सिटी के कुछ प्रोफेसर ने भी छात्रों से बात की। बाद में एडीएम सिटी विनोद मल्होत्रा और एडिशनल एसपी सुभाष चंद मिश्रा भी पहुंचे। शाम साढ़े 6 बजे करीब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों की मांगों के समाधान का लिखित में आश्वासन दिया। इसके बाद छात्र धरने से उठे और कैंपस में कैंडल मार्च निकाला। वीसी बोले- हमारा काम बच्चों की बातें सुनना यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. निमित चौधरी ने कहा- मेरे स्टूडेंट्स हैं, रोज बात करता हूं। अभी भी बात करने आया हूं। हमारा काम ही यही है कि बच्चों की बातें सुनें और उनका समाधान करें। जो घटना हुई, उससे बच्चे इमोशनल हो गए। इतनी बड़ी यूनिवर्सिटी है, सांप के आने का मेजर रीजन सीवरेज होता है या नाली के रास्ते आते हैं। हमने मीटिंग बुलाई है। इसे देखेंगे, बच्चों ने कैम्पस में अंधेरा रहने की बात बताई है। क्या गेप है इसको भी देखेंगे। चौधरी ने कहा- हमारा 50 साल पुराना कैंपस है शायद जैसा रख रखाव होना चाहिए था वैसा नहीं हो पाया होगा। जब से मैं आया हूं मेरी टॉप प्रायरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर है। हमने फाइनेंस कमेटी में भी डिसाइड किया था। क्योंकि सरकारी प्रक्रिया है, इस कारण हमारी स्पीड को थोड़ा स्लो कर देता है। हमारी लिमिटेशन है जितनी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी होनी चाहिए वो नहीं है काम की स्पीड बढ़ाएंगे। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें- राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में स्टूडेंट की मौत:रात को सोया, सुबह उठा नहीं; धरने पर बैठे छात्रों को पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ा