सलूंबर जिले में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में चिकित्सा संस्थानों की समीक्षा की गई। समीक्षा में मानव संसाधन, विशेषज्ञ डॉक्टर, उपकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन व्यवस्थाएं शामिल रहीं। हाईवे क्षेत्रों पर ट्रोमा सेंटर का प्रस्ताव बैठक में सीएमएचओ ने जिले में ट्रोमा सेंटर की जरूरत बताई। इस पर कलेक्टर ने उपयुक्त जगह चिह्नित कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने हाईवे और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखने को कहा। खासकर परसाद और पलौदड़ा में ट्रोमा सेंटर की जरूरत और संभावित जगह का आकलन करने के निर्देश दिए। एफआरयू झाड़ोल का भवन निर्माणाधीन है। इसलिए वहां तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और निश्चेतक (एनेस्थीसिया विशेषज्ञ) की सेवाओं का सही उपयोग करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिला अस्पताल सलूंबर सहित दूसरे संस्थानों में जरूरत के हिसाब से विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। मातृ मृत्यु के दो प्रकरणों पर जांच कलेक्टर ने रठौड़ा में हाल की घटना और लसाड़िया के कालीभीत में हुई मातृ मृत्यु के प्रकरण को गंभीरता से लिया। उन्होंने अधिकारियों को दोनों प्रकरणों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। किसी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। डीएमएफटी की दो सोनोग्राफी मशीनें लसाड़िया और चावंड में लगेंगी डीएमएफटी के तहत जिले को दो सोनोग्राफी मशीनें मिली हैं। इन्हें सीएचसी लसाड़िया और सैटेलाइट अस्पताल चावंड में लगाकर जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर जांच सुविधा मिल सकेगी। दो दिन में पोर्टल अपडेट, हर संस्थान की मॉनिटरिंग सभी बीसीएमओ, पीएमओ और चिकित्सा अधिकारियों को राजहेल्थ पोर्टल पर संस्थानों की जरूरी जानकारी दो दिन में अपडेट करने के निर्देश दिए गए। कैमरे और बायोमेट्रिक मशीन की व्यवस्था, कर्मचारियों की उपस्थिति, उपकरणों की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा ये निर्देश भी दिए गए-