सलूम्बर शारदीय नवरात्र रविवार, 11 अक्टूबर से शुरू होगा। नवरात्र को लेकर सलूम्बर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक उत्साह का माहौल है। देवी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की तैयारियां की जा रही हैं, वहीं गरबा पांडाल रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजकर तैयार हो रहे हैं। नवरात्र के दौरान शहर के रावली पोल के पास स्थित बायण माता मंदिर, खटीकवाड़ा और पूर्विया समाज सहित विभिन्न स्थानों पर गरबा महोत्सव आयोजित होंगे। सलूम्बर जिले के आसपास के गांवों में भी धार्मिक कार्यक्रमों और गरबा-डांडिया की रौनक देखने को मिलेगी। गरबा मंडलों की ओर से पांडालों को सजाने और आयोजन को भव्य बनाने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आराधना से बढ़ता है आत्मबल, कन्या पूजन का विशेष महत्व पंडित भूपेंद्र चौबीसा ने बताया कि शारदीय नवरात्र माता शक्ति की साधना और उपासना का पर्व है। इन नौ दिनों में व्रत-उपवास और यम-नियम का पालन कर व्यक्ति अपने आंतरिक विकारों पर नियंत्रण पाने का प्रयास करता है। माता की आराधना से आत्मबल बढ़ता है और सकारात्मक ऊर्जा के साथ अपने कार्यों को पूरा करने की प्रेरणा मिलती है।