खेजड़ली में पर्यावरण और पेड़ों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले 363 शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए सोमवार को राजगढ़ से खेजड़ी बचाओ अभियान के तहत पदयात्रा शुरू हुई। सदगुरु कबीर मानव धर्म चेतन आश्रम राजगढ़ की ओर से निकाली जा रही पदयात्रा को तहसीलदार हनुमान पूनिया ने पौधा प्रदान कर रवाना किया। प्रकृति प्रेमी संत रतनदास के नेतृत्व में पदयात्रा रवाना हुई। तहसीलदार पूनिया ने कहा कि जब तक आमजन पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक नहीं होगा, तब तक पेड़ों को बचाना मुश्किल है। पेड़ रहेंगे तभी जीवन सुरक्षित रहेगा। यात्रा का नेतृत्व कर रहे संत रतनदास ने कहा कि राजस्थान के लिए खेजड़ी चंदन के समान है। खेजड़ी को कटने से बचाने के लिए यात्रा के दौरान गांव-गांव जाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। पदयात्रा समराथल होते हुए करीब 430 किमी की दूरी तय कर खेजड़ली पहुंचेगी। गांवों के मंदिरों और धर्मशालाओं में ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। जंभेश्वर पर्यावरण एवं जीव रक्षा प्रदेश संस्था हनुमानगढ़ जिलाध्यक्ष मनोहरलाल विश्नोई ने कहा कि आज पर्यावरण प्रदूषण गंभीर समस्या है। इसलिए अधिक से अधिक पेड़ों को बचाने के साथ नए पौधे लगाने की जरूरत है। इस मौके पर नरेश कुमार श्यामपुरा, सेवानिवृत्त प्राचार्य गोपालराम सोलड़ा, वेदप्रकाश रेडू, एडवोकेट मुकेश रामपुरा, एडवोकेट अनिरुद्ध पाटोदिया, विंग्स एनजीओ के सुमेरसिंह गुलपुरा, पर्यावरण प्रेमी संजय राव कांधराण, प्रशासक शीशराम भुवाड़ी, श्रवण सोनी, मंगतुराम दाधीच और गणेश दाधीच आदि मौजूद रहे।