जलझूलनी एकादशी पर भगवान चारभुजानाथ के दर्शन के लिए गढ़बोर जाने वाले पदयात्रियों के लिए हरिहर सेवा संस्थान की ओर से राजमार्ग पर सेवाली मोड़ पर लगाया गया पांच दिवसीय निशुल्क सेवा शिविर सोमवार को संपन्न हुआ। शिविर में हजारों श्रद्धालुओं ने लाभ लिया। चार दिन तक चित्तौड़, उदयपुर, बांसवाड़ा सहित कई जिलों से श्रद्धालु पहुंचे। सीमावर्ती मध्यप्रदेश के दूरदराज इलाकों से भी बड़ी संख्या में यात्री आए। रविवार को हजारों यात्रियों के आने के बाद जलझूलनी एकादशी के पूर्व दिवस सोमवार को भी राजसमंद और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का आना जारी रहा। भोर से दोपहर तक कई जत्थे चारभुजा जाते समय शिविर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने आवभगत की। कई यात्रियों को फिजियोथैरेपी उपचार मिला। संस्थान अध्यक्ष श्यामसुन्दर नवाल ने बताया कि मेवाड़ और मालवा अंचल से आए हजारों पदयात्रियों ने शिविर का लाभ लिया। पदयात्रा से अस्वस्थ हुए श्रद्धालुओं को उपचार दिया गया। फिजियोथैरेपी उपकरणों से थकान, जकड़न, मांसपेशियों के दर्द, पैरों के छालों का उपचार किया। दोपहर बाद समापन कार्यक्रम हुआ। सेवा करने वाले हिमांशु नवाल, नाथूसिंह, प्रकाश बाई, कमलाबाई, धीरज सरावगी सहित कार्यकर्ताओं का उपरणा ओढ़ाकर, प्रभु की छवि देकर सम्मान किया। कार्यकर्ताओं ने प्रभु के जैकारों के साथ श्याम सुन्दर नवाल का स्वागत किया। आयोजन भामाशाह श्यामसुनदर नवाल और मंजूलता नवाल की ओर से बीते डेढ़ दशक से जलझूलनी एकादशी पर हर साल किया जा रहा है। शहर में कई स्थानों पर सालभर निशुल्क जल सेवा, चिकित्सा शिविर जैसे प्रकल्प भी चलाए जा रहे हैं। क्षेत्र की सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, कई प्रबुद्धजन शिविर देखने पहुंचे। व्यवस्थाओं की सराहना की। नि:स्वार्थ सेवा कार्यों के लिए नवाल का सम्मान भी किया।