अलवर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र में सिलिसेढ़ झील की पाल के पास मूर्ति विसर्जन के दौरान गहरे गड्ढे में जाने से एक 19 साल के युवक की डूबने से मौत हो गई। घटना मंगलवार शाम करीब 5 बजे की है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम ने करीब 15 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बुधवार सुबह युवक का शव बाहर निकाला। हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। मृतक युवक चार भाई हैं। सब मजदूरी करते हैं। साथियों के साथ गया था मूर्ति विसर्जन करने मृतक युवक के मामा मेघराज ने बताया कि सदर थाना क्षेत्र के नटबास झारखेड़ा निवासी विकास नट (19) पुत्र दुष्यंत नट मजदूरी कर परिवार का लालन-पालन करने में मदद करता था। मंगलवार को नवमी पर वह गांव के साथियों के साथ सिलिसेढ़ बांध पर मूर्ति विसर्जन करने पहुंचा था। मूर्ति विसर्जन के दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया या उसे अंदाजा नहीं होने के कारण पाल के समीप पानी में बने गहरे गड्ढे में चला गया और देखते ही देखते गहरे पानी में डूब गया। रात भर चला सर्च ऑपरेशन अकबरपुर पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने देर रात तक टॉर्च और बोट की मदद से पानी में तलाश की, लेकिन अंधेरा हो जाने और पानी की गहराई ज्यादा होने के कारण रात में शव का पता नहीं चल सका। बुधवार सुबह 10 बजे मिला शव बुधवार सुबह तड़के सिविल डिफेंस की टीम ने गोताखोरों के साथ फिर से सिलिसेढ़ झील में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब सुबह करीब 10 बजे गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद विकास के शव को पानी से बाहर ढूंढ निकाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई और पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिवार का सहारा था विकास कम उम्र में ही मजदूरी कर घर का खर्च चलाने वाले विकास (19) की मौत की खबर जैसे ही गांव नटबास झारखेड़ा पहुंची तो सन्नाटा पसर गया। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम का छाया हुआ है।