श्रीगंगानगर की श्रीविजयनगर नगर पालिका में चुनाव के बीच एक पार्षद विजय कुमार तन्ना को गन पॉइंट पर जबरन ले जाने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। डॉ. जस्टिस नूपुर भाटी और जस्टिस बलजिंदर सिंह की खंडपीठ ने गंगानगर एसपी को आदेश दिया कि विजय तन्ना को शाम 4 बजे तक हर हाल में बरामद कर शाम 5 बजे तक उन्हें चेयरमैन पद के चुनाव में मतदान कराया जाए। राजस्थान हाईकोर्ट ने चेयरमैन पद के चुनाव की समय-सीमा को भी बढ़ाने के आदेश दिए हैं। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद शाम 5 बजे तक मतदान की प्रक्रिया पूरी करने का समय दिया गया है, ताकि संबंधित पार्षद को भी चुनाव में भाग लेने का अवसर मिल सके। एसपी को महज 10 मिनट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश होने के आदेश मामले में विजय तन्ना की पत्नी शशी की ओर से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने गंगानगर एसपी को तत्काल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद गंगानगर एसपी करीब 10 मिनट के भीतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाईकोर्ट के समक्ष पेश हुए थे। सुनवाई के दौरान पुलिस से पार्षद की स्थिति और उसे तलाशने के लिए की जा रही कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली गई है। मतदान के लिए जाते समय वाहन पर हमला करने का आरोप हाईकोर्ट में पेश याचिका के अनुसार, 21 सितंबर की सुबह करीब 11 बजे श्रीविजयनगर नगर पालिका के चेयरमैन पद के लिए मतदान होना था। विजय तन्ना मतदान के लिए एक वाहन से जा रहे थे। इसी दौरान श्रीविजयनगर से करीब 10 किलोमीटर दूर नहर बाईपास के पास वाहन को कथित तौर पर रोका गया और हमला किया गया। आरोप है कि इसके बाद विजय तन्ना सहित तीन निर्वाचित पार्षदों को गन पॉइंट पर जबरन अपने साथ ले जाया गया। मामले में दो पार्षदों को दस्तयाब किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पत्नी ने हाईकोर्ट में दाखिल की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका विजय तन्ना की पत्नी शशी की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर अपने पति को अदालत के समक्ष पेश कराने की मांग की गई। शशी की ओर से वकील मुक्तेश माहेश्वरी ने दोपहर 1 बजे याचिका दायर कर मामले को मेंशन किया। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर तत्काल खंडपीठ का गठन किया गया। याचिका में कहा गया है कि विजय तन्ना श्रीविजयनगर नगर पालिका के निर्वाचित वार्ड सदस्य हैं और चेयरमैन चुनाव में उनका वोट महत्वपूर्ण है। याचिका में यह भी दावा किया गया कि घटना के बाद पुलिस को शिकायत दी गई। विजय तन्ना का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित बरामद करने की मांग की गई। याचिका में तत्काल पुलिस सुरक्षा और स्थिति रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। हाईकोर्ट ने मामले को लिया गंभीरता से मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने गंगानगर एसपी को तत्काल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने के निर्देश दिए। इसके बाद कोर्ट ने पार्षद को निर्धारित समय-सीमा में बरामद कर चुनाव प्रक्रिया में शामिल कराने के निर्देश दिए।