इंजीनियरिंग में विद्यार्थियों की पसंद का ट्रेंड इस साल बदला नजर आ रहा है। इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर (ईसीबी) में जहां कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीक आधारित शाखाओं में प्रवेश बढ़े हैं, वहीं सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल जैसी कोर ब्रांचों में भी विद्यार्थियों की रुचि लौटी है। इसका असर कॉलेज के कुल प्रवेश पर दिखाई दिया। वर्ष 2025 में 442 विद्यार्थियों ने बीटेक में प्रवेश लिया था, जो 2026 में बढ़कर 521 हो गए। कोरोना काल के बाद कॉलेज में सर्वाधिक प्रवेश है। सबसे बड़ा बदलाव सिविल इंजीनियरिंग में दिखाई दिया। यहां प्रवेश 55 से बढ़कर 87 हो गए, यानी 32 विद्यार्थियों की वृद्धि हुई। इलेक्ट्रिकल में 31 से बढ़कर 56 और मैकेनिकल में 23 से बढ़कर 34 प्रवेश हुए। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में भी 44 से बढ़कर 49 विद्यार्थी पहुंचे। ईसीबी में दो वर्षों के बीटेक प्रवेश का तुलनात्मक आंकड़ा प्रवेश प्रभारी डॉ. इंदु भूरिया के मुताबिक राजस्थान के प्रत्येक इंजीनियरिंग संस्थान में प्रत्येक ब्रांच/कोर्स की स्वीकृत क्षमता पर सुपरन्यूमरेरी श्रेणी की अतिरिक्त सीटें सिर्फ कश्मीरी प्रवासियों और घाटी के गैर-प्रवासी कश्मीरी पंडितों के लिए अलग से जोड़ी जाती हैं। ये सीटें सामान्य सीटों को प्रभावित नहीं करती हैं। कंप्यूटर-एआई की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 43 फीसदी प्रवेश नई तकनीक आधारित शाखाएं अब भी विद्यार्थियों की पहली पसंद बनी हुई हैं। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 130 और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस में 95 प्रवेश हुए। दोनों को मिलाकर 225 विद्यार्थी इन दो शाखाओं में पहुंचे। यह कुल प्रवेश का करीब 43 प्रतिशत है। सूचना प्रौद्योगिकी में भी प्रवेश 26 से बढ़कर 33 हुए। कोरोना काल के बाद सर्वाधिक बीटेक प्रवेश होना संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अनुशासित शैक्षणिक वातावरण, नवाचार, खेल और सह-शैक्षणिक गतिविधियों के कारण विद्यार्थियों का विश्वास बढ़ा है। डॉ. संजीव जैन, प्राचार्य, ईसीबी