रक्षाबंधन से पहले मिठास पर महंगाई का झटका लगा है। भरतपुर में पिछले दो दिन में चीनी के भाव 5 रुपए किलो बढ़ गए हैं। दो दिन पहले 62 रुपए किलो बिकने वाली चीनी अब 67 रुपए किलो तक पहुंच गई है। कारोबारियों का कहना है कि तेजी का यही रुख रहा तो रक्षाबंधन तक चीनी 70 रुपए किलो तक पहुंच सकती है। इसका सीधा असर मिठाई बाजार पर पड़ेगा और गुलाब जामुन, बर्फी, पेठा, घेवर सहित अन्य मिठाइयों के भाव 10 से 20 रुपए किलो तक बढ़ सकते हैं। त्योहार नजदीक आने के साथ मिठाई की मांग बढ़ गई है। इसके साथ चीनी की खपत भी बढ़ी है। थोक बाजार में भाव बढ़ने का असर अब खुदरा बाजार में दिखाई दे रहा है। भरतपुर में रोजाना करीब 500 क्विंटल चीनी की खपत होती है। शहर में चीनी की मुख्य आपूर्ति उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर सहित अन्य क्षेत्रों से होती है। चीनी व्यापारी मनोहर बंसल के अनुसार थोक बाजार में सरकारी मिलों की चीनी करीब 6200 रुपए क्विंटल और प्राइवेट मिलों की चीनी करीब 6400 रुपए क्विंटल बिक रही है। दोनों की मिठास और स्वाद में खास अंतर नहीं है। प्राइवेट मिल की चीनी ज्यादा सफेद और फिल्टर होने के कारण महंगी है। उन्होंने बताया कि सरकार चीनी आयात भी कर रही है और जीरो प्रतिशत ड्यूटी किए जाने से आगे बड़ी तेजी पर रोक लगने की उम्मीद है। आयात की हुई सरकारी चीनी आने से चीनी के बढ़ते हुए दामों में लगाम लगेगी तथा लोगों को राहत मिलेगी।