मानसून के दौरान शहर में बढ़ने वाली गंदगी, जलभराव और मौसमी बीमारियों की संभावना को देखते हुए नगर निगम जयपुर ने विशेष स्वच्छता अभियान शुरू कर दिया है। स्वच्छ जयपुर-स्वस्थ जयपुर की थीम पर यह अभियान आज 25 अगस्त से 7 सितंबर तक 6 चरणों में चलाया जाएगा। अभियान के दौरान शहर के अलग-अलग जोन में कुल 5 हजार सफाईकर्मी मैदान में उतरकर एक हजार जेसीबी, हूपर और संसाधनों की मदद से विशेष सफाई अभियान चलाएंगे। नगर निगम की ओर से इस अभियान में सामान्य सफाई के साथ गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स यानी GVP, गंदगी वाले चिन्हित स्थानों, सड़क किनारे, डिवाइडर, मीडियन और सार्वजनिक स्थलों की विशेष सफाई की जाएगी। इसके साथ निर्माण और विध्वंस से निकलने वाले मलबे यानी CD वेस्ट को हटाने पर भी विशेष फोकस रहेगा। आज सांगानेर-मानसरोवर से शुरुआत अभियान की शुरुआत 25 अगस्त को सांगानेर और मानसरोवर जोन से की गई है। जहां निगम के हजारों सफाई कर्मचारी शहर को स्वच्छ बनाने में जुटे हुए हैं। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में शहर के अन्य जोन को अभियान में शामिल किया जाएगा। दरअसल, इस विशेष अभियान के तहत जोन स्तर पर सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। निगम की टीमें चिन्हित स्थानों पर पहुंचकर सफाई, कचरा उठाने और मलबा हटाने की कार्रवाई करेंगी। इन तारीखों में अलग-अलग जोन में चलेगा अभियान अब 27 अगस्त को जगतपुरा, झालाना और मालवीय नगर जोन में विशेष सफाई अभियान चलेगा। 1 सितंबर को विद्याधर नगर और मुरलीपुरा जोन में सफाई की जाएगी। 3 सितंबर को झोटवाड़ा और वैशाली नगर जोन में अभियान चलाया जाएगा। 5 सितंबर को सिविल लाइन जोन में विशेष सफाई अभियान होगा। 7 सितंबर को आदर्श नगर जोन में अभियान चलाया जाएगा। इस तरह 25 अगस्त से 7 सितंबर तक 6 चरणों में शहर के अलग-अलग हिस्सों में विशेष सफाई अभियान चलाकर मानसून के दौरान सफाई व्यवस्था को बेहतर करने की कोशिश की जाएगी। ताकि आम जनता को राहत मिल सके। GVP और गंदगी वाले स्थानों पर विशेष फोकस
नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने बताया कि नगर निगम की ओर से अभियान के दौरान शहर में ऐसे स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां नियमित रूप से कचरा जमा होता है। GVP और अन्य चिन्हित गंदगी वाले स्थानों की विशेष सफाई की जाएगी। इसके साथ ही सड़क किनारे जमा कचरा, डिवाइडर और मीडियन पर जमा गंदगी को हटाया जाएगा। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों की भी विशेष सफाई की जाएगी, ताकि मानसून के दौरान जलभराव और गंदगी के कारण लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान निर्माण और विध्वंस से निकलने वाले मलबे यानी सीएनडी वेस्ट को हटाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। शहर में सड़क किनारे या खाली स्थानों पर जमा निर्माण मलबे को चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई की जाएगी। ताकि मानसून के दौरान नालियों और सड़क किनारे जमा कचरे और मलबे के कारण जल निकासी प्रभावित न हो और सार्वजनिक स्थान साफ-सुथरे रहें। मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी-लार्वा गतिविधियां कसेरा ने बताया कि मानसून के दौरान मच्छरों के प्रजनन और मौसमी बीमारियों के खतरे को देखते हुए अभियान में एंटी-लार्वा गतिविधियों पर भी जोर दिया जाएगा। जरूरत के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग कराई जाएगी और कीटनाशक दवा का छिड़काव भी किया जाएगा। नगर निगम की टीमें ऐसे स्थानों को भी चिन्हित करेंगी जहां पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने की संभावना रहती है। इन स्थानों पर आवश्यकतानुसार एंटी-लार्वा गतिविधियां कराई जाएंगी। 5 हजार सफाईकर्मी संभालेंगे मोर्चा विशेष अभियान में नगर निगम के कुल 5 हजार सफाईकर्मी अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था संभालेंगे। अभियान के दौरान सफाईकर्मियों के साथ संबंधित जोन की टीमें भी मौके पर मौजूद रहेंगी।
बता दें कि मानसून के दौरान शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार सामने आने वाली शिकायतों के बीच नगर निगम का यह विशेष अभियान अहम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि 7 सितंबर तक चलने वाला यह अभियान शहर के गंदगी वाले चिन्हित स्थानों और सार्वजनिक क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था में कितना बदलाव ला पाता है।