कांग्रेस में टिकट को लेकर 15 जिलों में हंगामा हुआ। जयपुर में शहर जिला अध्यक्ष के घर का घेराव किया और पुतला फूंका। भीलवाड़ा में कांग्रेस के 17 प्रत्याशियों के सिंबल ही कलेक्टर के पास 3 बजे तक जमा नहीं हुए। इस पर 2 घंटे हंगामा हुआ। हिंडौन में पीसीसी से 60 सिंबल रवाना किए लेकिन हिंडौन विधायक के पास 20 ही पहुंचे। बीच में विरोधी गुट ने 40 सिंबल रख लिए। 20 मिले वो विधायक ने वापस कर दिए। विधायक अनीता जाटव के घर के बाहर टिकट को लेकर यूथ कांग्रेस ने हंगामा किया। करौली में वार्ड 55 में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने गुड्डी देवी जाटव को प्रत्याशी बनाया है। इधर, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भीलवाड़ा में कांग्रेस प्रत्याशियों के सिंबल स्वीकार नहीं किया जाना लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। निर्धारित समय से पूर्व पार्टी सिंबल लेकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचने के बावजूद उन्हें स्वीकार न करना निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। 30% नाम गुंजल के, बात नहीं बनी तो राहुल गांधी ने ऑब्जर्वर भेजा था कोटा निगम के लिए कांग्रेस में टिकट बंटवारे पर जमकर हंगामा हुआ। हाई कमान ने तय किया था कि सड़क पर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को टिकट​ मिले। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा का कहना था कि प्रहलाद गुंजल भाजपा से तमाम मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे में कर्मठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी नहीं हो। इसके बाद भी उम्मीदवारों की सूची पर सहमति नहीं बनी। डोटासरा ने पूरा मामला प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को भेज दिया। सूची में करीब 20-30 फीसदी टिकट गुंजल के समर्थकों के थे। रंधावा ने पूरे मुद्दे पर राहुल गांधी से चर्चा की। राहुल गांधी ने दिल्ली से पूनम पासवान को आब्जर्वर बनाकर राजस्थान भेजा। रविवार रात उम्मीदवारों की सूची फाइनल करने के दौरान विवाद इतना बढ़ा कि शांति धारीवाल, अशोक चांदना और दो जिलाध्यक्षों ने पूनम पासवान और पुष्पेंद्र भारद्वाज पर फाइलें फेंक दीं। दो टूक शब्दों में कहा कि या तो हम टिकट बांट लें या फिर प्रहलाद गुंजल से बंटवा लो। इसके बाद सभी लोग मीटिंग छोड़कर चले गए। -शासन-प्रशासन भी पढ़ें