पुरोहितजी के कटला में सेठी कॉम्प्लेक्स में लगी आग ने सिस्टम को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। 4.75 करोड़ रुपए की लागत से लगे इस फायर फाइटिंग सिस्टम के भरोसे सिर्फ पुरोहित जी का कटला ही नहीं है, बल्कि बापू बाजार, जौहरी बाजार और नेहरू बाजार भी हैं। इस सिस्टम की लाइन इन बाजारों तक फैली हुई है, ताकि आग लगने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके और दमकलों को पानी लेने के लिए शहर के ट्रैफिक से होकर घाटगेट तक न जाना पड़े। ऐसे में कटला के बाद दूसरे बाजारों की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब जब लापरवाही की आंच उठी तो सिस्टम ने खानापूर्ति के लिए निगम के दो अधिकारियों सीएफओ देवेंद्र मीणा और एसीएफ कुलदीप माणतवार को निलंबित कर दिया, लेकिन सवाल यह है कि इस प्रोजेक्ट की प्लानिंग करने, टेंडर से लेकर हैंडओवर करने वाले स्मार्ट सिटी के अफसरों को क्यों बचाया? जबकि टेस्टिंग में ही कई खामियां सामने आ गई थी। स्मार्ट सिटी ने खामियों के साथ हैंडओवर किया, निगम ने 3 साल में टेस्टिंग तक नहीं की फायर फाइटिंग सिस्टम की प्लानिंग, टेंडर के बाद काम पूरा करने का जिम्मा। घाटगेट फायर स्टेशन से पाइपलाइन इन्होंने ही जुड़वाई। यह करना था- टेस्टिंग रिपोर्ट आके होने पर निगम को हैंडओवर करना था। क्या किया- टेस्टिंग में खामियां थीं, हैंडओवर के बाद ध्यान नहीं दिया। दिनेश गोयल, तत्कालीन एसई, स्मार्ट सिटी मॉनिटरिंग, पाइपलाइन, नोजल और सिस्टम की निगरानी का जिम्मा। यह करना था- काम पूरा होने पर सिस्टम की कार्यक्षमता सुनिश्चित करनी थी। क्या किया- लाइन की गुणवत्ता की जांच नहीं की। लीकेज लाइन नहीं सुधारी। अजय कुमार, तत्कालीन एक्सईएन, स्मार्ट सिटी मॉनिटरिंग, सिस्टम के इंस्टॉलेशन और काम की गुणवत्ता की निगरानी करनी थी। यह करना था- हैंडओवर से पहले सिस्टम की जांच सुनिश्चित करनी थी। क्या किया- ठेकेदार के भरोसे रहे। मॉनिटरिंग के साथ सिस्टम फेल हो गया। बीडी शर्मा, टीम लीडर, स्मार्ट सिटी पुरोहितजी के कटला में लगा फायर फाइटिंग सिस्टम नियमों के तहत लगाया है। पानी के होज के लिए मेट्रो ने जगह नहीं दी। इसलिए घाटगेट स्टेशन से जोड़ा गया। टेस्टिंग करने के बाद ही हेरिटेज निगम की फायर शाखा के अधिकारियों को सिस्टम सौंपा गया। -दिनेश गोयल, तत्कालीन एसई, स्मार्ट सिटी फायर सिस्टम की नियमित टेस्टिंग और रखरखाव की जिम्मेदारी इनकी है। यह करना था- लीकेज और प्रेशर की पुख्ता जांच के बाद ही प्रोजेक्ट लेना था। नियमित टेस्टिंग। क्या किया- हैंडओवर के समय लाइन डैमेज का पता था। स्मार्ट सिटी अधिकारियों को पत्र लिखकर इंतजार करते रहे। देवेंद्र मीना, सीएफओ, नगर निगम पार्ट-2 (हेरिटेज) नोजल गायब होते रहे, मेंटेनेंस नहीं किया। हैंडओवर के समय मौजूद थे। सिस्टम की निगरानी और नियमित टेस्टिंग में बड़ी भूमिका थी। क्या करना था- सिस्टम के नोजल और पाइपलाइन की स्थिति जांचनी थी। यह किया- जर्जर लाइन ठीक करवाने के बजाय टालते रहे। शिवम शर्मा/घनश्याम मल्होत्रा, फायर अधिकारी सिस्टम चालू होता तो कटला से ही भरती दमकल इस सिस्टम की खास प्लानिंग यह थी कि परकोटे में आग लगने पर दमकल को पानी भरने के लिए घाटगेट फायर स्टेशन तक जाने की जरूरत न पड़े। पुरोहितजी के कटला में बने सिस्टम से दमकल में भी पानी भरा जा सकता था। इससे ट्रैफिक के बीच दमकल को घाटगेट जाने में लगने वाला समय बचता और आग पर जल्द काबू पाया जा सकता था। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को बता दिया था कि हाइड्रेंट पॉइंट भूमिगत चाहिए। यह आसानी से खुल जाते हैं और चोरी की संभावना भी नहीं रहती। टेस्टिंग के समय भी लाइन लीकेज हो गई थी, जिसे स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने ठीक किया था। इसके बाद टेस्टिंग की तो प्रेशर नहीं बना, क्योंकि लाइन जगह-जगह से लीकेज थी। -देवेंद्र मीना, सीएफओ कटला कपड़ा मंडी को शहर से बाहर शिफ्ट करने की मांग, 38 साल से अटका भूमि आवंटन जयपुर होलसेल टैक्सटाइल डीलर्स एसोसिएशन ने प्रदेश की सबसे बड़ी कपड़ा मंडी (पुरोहित जी का कटला) को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग उठाई है। अध्यक्ष मूलचंद माखीजा ने बताया कि 38 वर्षों से जेडीए, हाउसिंग बोर्ड व सरकार से गुहार के बावजूद भूमि आवंटन लंबित है। महासचिव पवन खंडेलवाल ने कहा कि संकरी गलियों, बिजली तारों से शॉर्ट-सर्किट का खतरा रहता है। आग से व्यापारी सहमे हुए हैं। FSL ने की आग के कारणों की जांच; गहलोत और राठौड़ सहित कई नेता कटला पहुंचे पुरोहितजी का कटला स्थित सेठी कॉम्प्लेक्स में आग लगने के कारणों की जांच के लिए शुक्रवार सुबह एफएसएल टीम पहुंची। टीम ने मौके से साक्ष्य के रूप में जला हुआ सामान और वायर के टुकड़े जब्त किए। इधर, पुलिस ने गुरुवार को दर्ज की गई एफआईआर में कॉम्प्लेक्स के सुरक्षा गार्ड, चश्मदीद व पीड़ित व्यापारियों सहित 6 जनों के बयान दर्ज किए। थानाधिकारी राकेश ख्यालिया ने बताया कि बयानों के लिए कॉम्प्लेक्स मालिक को बुलाना था। उनका मोबाइल ऑफ मिला। घर और ऑफिस में भी नहीं मिले। ऐसे में उनकी तलाश कर रहे हैं। पीड़ित व्यापारियों से मिलने और आग से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए जनप्रतिनिधि और अधिकारियों का तांता लगा रहा। सुबह पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विधायक अमीन कागजी, कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ व मंत्री जोगाराम पटेल पहुंचे। मानवाधिकार आयोग से अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी व सदस्य रिटायर्ड आईपीएस अशोक गुप्ता भी पहुंचे। उन्होंने आग से प्रभावित हिस्सों का जायजा लिया और प्रशासन से रिपोर्ट तलब की। गौरतलब है कि गुरुवार को कटला में आग लगने से दो दर्जन से ज्यादा दुकानों में रखा सामान जल गया था।