जोधपुर एयरबेस पर आज से भारतीय वायुसेना की मेजबानी में मल्टीनेशनल युद्धाभ्यास तरंग शक्ति 2026 का आगाज होने जा रहा है। इस एक्सरसाइज शामिल होने के लिए 8 देश, 32 ऑब्जर्वर और लगभग 100 एयरक्राफ्ट यहां पहुंच रहे हैं। खास तौर से राफेल, तेजस, सुखोई 30 एमकेआई, पांचवीं पीढ़ी का एफ 35, एफ 16 और हवा में ईंधन भरने वाले एयरक्राफ्ट (एयर-टू-एयर रिफ्यूलर) जैसे कई विमान एक साथ ऑपरेशनल क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। इसमें भारतीय वायुसेना खासतौर पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिले लर्निंग का अभ्यास करेंगी। इस मल्टीनेशनल एक्सरसाइज में जोधपुर सहित वेस्टर्न बॉर्डर के 4-5 एयरबेस पूरी तरह से शामिल होंगे। यहां से ये विमान अपनी टास्क के अनुसार ऑन एयर होकर टारगेट को तबाह करेंगे। वहीं इसमें 3,000 से ज्यादा एयर वॉरियर्स भी भाग ले रहे हैं। फ्रांस के डिप्टी कमांडर बोले- तरंग शक्ति हमारे लिए महत्वपूर्ण जोधपुर पहुंचे फ्रांस के एयर डिफेंस एंड एयर ऑपरेशंस कमांड के डिप्टी कमांडर जूलियन सबेने ने मीडिया से बातचीत में कहा तरंग शक्ति हमारे बहुत जरूरी एक्सरसाइज हैं। इसीलिए हम दुनिया के दूसरे कोने से यहां समय पर पहुंचे हैं। भारत और फ्रांस का एक ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनर है, जो बहुत अहम है। हम यह दिखाना चाहते हैं कि अपने पार्टनर के साथ मिलकर काम करने के लिए कितने कमिटेड हैं। इस मिशन के तहत दुनिया के दूसरे हिस्से से चार राफेल लड़ाकू विमानों को यहां लाना हमारे लिए महत्वपूर्ण है। भारत फ्रांस का एक वैश्विक रणनीतिक साझेदार है और हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हम अपने साझेदार के साथ मिलकर काम करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाना चाहते हैं। भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर काम करने के लिए हमारे साथ कुल सात राफेल विमान होंगे।” भारत द्वारा 114 फ्रांसीसी राफेल विमान खरीदने के सवाल पर उन्होंने कहा, “भारत एक संप्रभु देश है। हमें खुशी है कि वह फ्रांसीसी एयर एंड स्पेस फोर्स से विमान खरीद रहा है। हम एक-दूसरे के साथ सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करने की योजना बना रहे हैं। हम निश्चित रूप से भारतीय विमानों को फ्रांस में निर्मित राफेल विमानों के साथ काम करते हुए देखने के लिए उत्सुक हैं।”