राजस्थान शिक्षक संघ राधाकृष्णन के प्रदेश महामंत्री अमिताभ सनाढ्य ने कहा कि शिक्षक सुसंस्कृत समाज का शिल्पकार है, गैरशैक्षणिक काम में झोंक कर उसे शिक्षा से विमुख किया जाना भावी पीढ़ी के साथ कुठाराघात है। बालकों में नैतिक मूल्यों और ज्ञान की प्रतिस्थापना के लिए शिक्षकों को इन कार्यों से मुक्त रखना होगा। प्रदेश महामंत्री सनाढ्य ने यह बात शुक्रवार को शिक्षक संघ राधाकृष्णन के राबाउमावि स्टेशन रोड के हॉल में आयोजित जिला स्तरीय शैक्षिक अधिवेशन को मुख्य अतिथि के रूप में कही। उन्होंने कहा कि देश और समाज को सही दिशा देना शिक्षक का महत्वपूर्ण दायित्व है। सुयोग्य नागरिक तैयार करने के लिए शिक्षक अपने विद्यार्थियों के भविष्य की राह प्रशस्त करता है। ऐसे में शिक्षकों को शिक्षा और विद्यार्थियों के हित में शिक्षा की मुख्य धारा से भटकाने वाले कार्यों से पृथक करना होगा। इसके लिए शिक्षक एकजुटता दिखाएं। राधाकृष्णन शिक्षक संघ हर एक शिक्षक की समस्या के समाधान के लिए मजबूती से खड़ा है। विशिष्ट अतिथि कोटा के वरिष्ठ साहित्यकार व शिक्षाविद विजय जोशी ने कहा कि शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र के उन्नयन के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है। बदलते परिवेश के साथ शिक्षक स्वयं को तैयार कर सभी चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करें। जिला संयोजक संजय गर्ग ने कहा कि सामाजिक विकास के लिए शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ इसमें आने वाले अवरोधों का कुशलता के साथ निवारण करना आवश्यक है। अधिवेशन में संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिओम शर्मा, संभागीय अध्यक्ष राजकुमार राय, प्रदेश प्रतिनिधि मनोज जैन, जिलाध्यक्ष त्रिवेणी प्रसाद मीणा, जिला महामंत्री प्रद्युम्न गौतम, शिक्षिका सेना संयोजिका मीनाक्षी पोसवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष अनूप चौपड़ा, उपाध्यक्ष हिम्मत सिंह, राजेंद्र योगी, जुगलकिशोर शर्मा, राजेन्द्र शर्मा ने सम्बोधन में शिक्षा, शिक्षार्थी और शिक्षक की उन्नति के लिए आवश्यक उपायों पर विचार व्यक्त किए। अधिवेशन की शुरुआत सरस्वती पूजन कर की गई। संचालन ज्योति प्रकाश शर्मा ने किया। अधिवेशन में जिलेभर से बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया।