सात वर्ष की जद्दोजहद के बाद नए कोर्ट परिसर में वकीलों के चैंबर्स के लिए ब्लॉक बनने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने इसके लिए प्रस्तावित 41 करोड़ रुपए में से 12.35 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए हैं। निर्माण एजेंसी बार राजस्थान स्टेट रोड डेवलेपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (आरएसआरडीसी) ने 88 चैंबर बनाने के िलए चार मंिजला भवन िनर्माण के लिए टेंडर कॉल किए हैं। चैंबर्स के लिए आंदोलनरत वकील बैकफुट पर आने को तैयार नहीं है। सोमवार को बार एसोसिएशन की आमसभा में प्रस्ताव पारित किया गया कि जब तक 200 चैंबर नहीं बनते, तब तक हर शनिवार का वर्क सस्पेंड जारी रहेगा। पर्याप्त संख्या में चैंबर बनने के बाद ही वकील नए कोर्ट परिसर में​ शिफ्ट होंगे। नए चैंबर आव​ंटन में प्रैक्टिशनर वकीलों को ही पहल मिलेगी। बार के अध्यक्ष हंसराज तनेजा के अनुसार नॉन प्रैक्टिशनर्स को चैंबर नहीं देने के सुझाव मिले हैं, इस पर कमेटी निर्णय लेगी। बैठक में वकील चरणदास कंबोज व अन्य ने आपत्ति भी जताई कि वकीलों की संख्या ज्यादा होने के दृष्टिगत चैंबर निर्माण कम हो रहा है। सभी वकीलों को चैंबर मिल नहीं सकेंगे। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया है कि वकीलों की 11 सदस्यीय कमेटी निर्माण कार्य की निगरानी करेगी। बैठक में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हंसराज तनेजा, उपाध्यक्ष अरमान सेतिया, सचिव लक्ष्मण नायक, पूर्व अध्यक्ष जसवीरसिंह मिशन, बलजीतसिंह बराड़, आनंद व्यास, विपिन सिद्ध आदि उपस्थित थे। वहीं निर्माण एजेंसी आरएसआरडीसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर गोविंद बिश्नोई के अनुसार कोर्ट परिसर में वकीलों के चैंबर निर्माण के टेंडर 15 अक्टूबर को खोले जाएंगे। टेंडर लेने वाली फर्म को एक वर्ष में निर्माण पूरा करना होगा। 2010 में से 900 वकील प्रैक्टिशनर : बार एसोसिएशन में 2010 वकील इनरोल्ड है। बार के पदाधिकारियों के अनुमान के अनुसार फिलहाल 900 वकील प्रैक्टिशनर है। बाकी 1100 नॉन प्रैक्टिशनर है। बार के चुनाव में हार-जीत में नॉन प्रैक्टिशनर वकीलों की भूमिका निर्णायक रहती है। ऐसी ​स्थिति में चेंबर आवंटन में नॉन प्रैक्टिशनर्स वकीलों को नजरअंदाज करने से असंतोष की आशंका है। 88 चेंबर बने तो 264 वकील ही एडजस्ट हो सकेंगे : वर्तमान में पांच मंजिल ब्लॉक बनेगा, इसमें 88 चेंबर बनेंगे। एक चेंबर तीन वकीलों को देने का प्रस्ताव विचाराधीन है। इससे 88 चेंबर में 264 वकील एडजस्ट हो सकेंगे। अगर 200 चेंबर भी बन जाएंगे, तब भी 600 वकीलों के सीटिंग की व्यवस्था ही हो सकेगी।