बारां| पंचायतीराज चुनाव की घोषणा के साथ ही अब तक प्रशासक के रूप में पंचायतों का कामकाज संभाल रहे पूर्व सरपंचों की पावर खत्म हो गई है। 3 अक्टूबर को आचार संहिता लागू होने के साथ ही उनकी सरकारी आईडी बंद कर दी गई है। इसका सीधा असर पंचायतों के दैनिक कामकाज पर पड़ेगा। अब पूर्व सरपंच प्रशासक के तौर पर न तो सरकारी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर सकेंगे और न ही पंचायत के भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। सरपंचों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकार ने इन्हीं निर्वाचित सरपंचों को प्रशासक बनाकर ग्राम पंचायतों का कामकाज जारी रखने की जिम्मेदारी दी थी।