भरतपुर| महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय भरतपुर का 14वां स्थापना दिवस सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाराजा सूरजमल की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पौधरोपण और प्रशासनिक भवन सभागार में विचार गोष्ठी के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रोफेसर मदन सिंह राठौड़ ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य चरित्र निर्माण, मानवीय मूल्यों एवं संस्कारों से युक्त ऐसी पीढ़ी तैयार करना है, जिसमें मानवता का भाव हो। उन्होंने नई शिक्षा नीति के मूल स्वरूप को समझकर भारतीय शिक्षा की विशिष्टताओं को आत्मसात करने पर बल दिया। मुख्य अतिथि महेंद्र सिंह मग्गो ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री देकर नौकरी की कतार में खड़ा करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाना है। उन्होंने जोर दिया कि ‘श्रेष्ठ नागरिक ही श्रेष्ठ राष्ट्र का निर्माण करता है।’ इसके अलावा गोष्ठी में प्रो. एके बंसल, प्रो. उमेश चंद बंसल और प्रो. हनुमान सिंह राठौड़ ने भी संस्थागत विकास, सकारात्मक कार्यसंस्कृति और ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के विस्तार पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में अकादमिक प्रभारी प्रोफेसर योगेंद्र भानू ने आभार व्यक्त किया और राष्ट्रगान के साथ इसका समापन हुआ।