पंचायत चुनाव में टिकट वितरण के बाद बगावत की आशंका को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस इस बार अधिकांश जगहों पर उम्मीदवारों की सूची अंतिम समय तक सार्वजनिक करेंगे। पंचायत चुनाव के पहले चरण के नामांकन की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर है। ऐसे में दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल पंचायत समिति और जिला परिषद के टिकटों को लेकर आखिरी समय तक रणनीतिक गोपनीयता बरत सकते हैं। माना जा रहा है कि जिन दावेदारों को टिकट दिया जाएगा, उन्हें पहले फोन पर सूचना दी जाएगी। इसके बाद नामांकन की अंतिम प्रक्रिया के दौरान ही सूची सार्वजनिक की जा सकती है। गौरतलब है कि इसकी वजह ये है कि हाल ही में हुए निकाय चुनाव में भाजपा कांग्रेस के खिलाफ निर्दलीय अन्य पार्टियों व नोटा के पक्ष में 30 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। राजनीतिक दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती टिकट नहीं मिलने से नाराज दावेदारों को संभालने की होगी। पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव में एक ही सीट पर कई दावेदार सक्रिय हैं। लंबे समय से क्षेत्र में काम कर रहे नेता और कार्यकर्ता टिकट की उम्मीद लगाए रहते हैं। ऐसे में किसी एक नाम पर सहमति बनने के बाद दूसरे दावेदार निर्दलीय चुनाव लड़ने या विरोधी दल का दामन थामने का फैसला कर सकते हैं। इससे पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के सामने अपने ही खेमे से चुनौती खड़ी होने का खतरा रहता है। निकाय चुनाव में आजमाया था यही फॉर्मूला: भाजपा ने हाल ही में हुए निकाय चुनाव में टिकट वितरण के दौरान इसी तरह की रणनीति अपनाई थी। कई जगह प्रत्याशियों को फोन पर टिकट की पुष्टि की गई और नामांकन भरने के लिए उन्हें एक स्थान पर एकत्रित कर साथ ले जाया गया। पार्टी की ओर से नामांकन की अंतिम समय-सीमा से कुछ घंटे पहले ही उम्मीदवारों की सूची सामने आई थी। हालांकि, सूची का प्रसार मुख्य रूप से सोशल मीडिया ग्रुपों के जरिए हुआ। कई जगह यह स्पष्ट नहीं था कि सामने आई सूची पार्टी की आधिकारिक सूची है या नहीं। बगावत रोकने के लिए गोपनीयता पर जोर: पंचायत चुनाव में भी इसी तरह की रणनीति अपनाने के पीछे टिकट कटने से नाराज दावेदारों को दूसरे विकल्प तलाशने के लिए कम समय देना एक संभावित वजह मानी जा रही है। यदि सूची पहले जारी कर दी जाती है तो असंतुष्ट दावेदारों को समर्थकों के साथ बैठक करने, निर्दलीय नामांकन की तैयारी करने या दूसरे दलों से संपर्क साधने का अवसर मिल सकता है। अंतिम समय में सूची जारी होने से ऐसे राजनीतिक समीकरणों को सीमित करने की कोशिश की जा सकती है।