पवालियां| जयपुर कमिश्नरेट की मुहाना थाना पुलिस और डीएसटी (दक्षिण) ने शहर में ‘लेडी डॉन’ के नाम से कुख्यात सीमा उर्फ मिंटू चौधरी (उम्रदराज मामलों की हिस्ट्रीशीटर) के कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। सवा साल पुराने इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए पुलिस ने मृतका के पति लालाराम और बेटे हरिओम चौधरी को गिरफ्तार किया है। मुहाना थानाधिकारी मुकेश खारडिय़ा ने बताया कि 27 मई 2025 को वारदात को अंजाम देने के बाद बेटे ने खुद 21 जुलाई को थाने में मां की गुमशुदगी दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी। डीसीपी (दक्षिण) राजर्षि राज के सुपरविजन में गठित टीम ने तकनीकी पड़ताल, मुखबिर तंत्र और रास्तों के 100 से ज्यादा कैमरों की फुटेज खंगाल कर जब दोनों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो रूह कंपा देने वाला सच सामने आया। ऑटो से ले जाकर रिंग रोड के पास कुएं में फेंका शव : आरोपियों ने कबूला कि मिंटू के अवैध संबंधों के शक और घर में रोज-रोज होने वाली मारपीट व कलह से वे तंग आ चुके थे। आरोपियों का दावा है कि वह उन पर बेल्ट से भी हमला करती थी। इसी रंजिश में दोनों ने मिलकर मिंटू की हत्या कर दी। इसके बाद रात के अंधेरे में शव को कंबल में बांधा और ऑटो से ले जाकर रिंग रोड स्थित बलखंडी बालाजी चौराहे के पास एक सुनसान सूखे कुएं में फेंक दिया। पुलिस ने निशानदेही पर कुएं से महिला का क्षत-विक्षत (डिकंपोज) शव बरामद किया, जिसकी शिनाख्त कपड़ों के आधार पर हुई। वर्ष 2009 से कई आपराधिक मामलों में लिप्त रही सीमा के इस हत्याकांड में पुलिस अग्रिम साक्ष्य जुटा रही है।