कस्बे के एक मैरिज गार्डन में गुरुवार को किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस कमेटी की ओर से जनसभा हुई। रासायनिक खाद की किल्लत, अघोषित बिजली कटौती, अभयारण्य क्षेत्र में वन विभाग की मनमानी और टेल क्षेत्र के किसानों को नहरी पानी देने में भेदभाव व उपेक्षा के मुद्दे उठाए गए। जनसभा में गोगपुरा, रिहाना, देलुंदा, छावनी बोरदा, जखाना, रायथल, अजेता, रामपुरा, खटीयाडी, रजवास, बालापुरा, गणेशपुरा, बगली, खड़ीबारा, लोहली, गुढ़ा मकदु, गुलखेड़ी, जावरा और भीमगंज सहित गांवों के किसान शामिल हुए। सभा को प्रवक्ता कृष्णगोपाल मीणा रायथल, पूर्व उपप्रधान रामहेत बैरवा, पूर्व उप प्रधान रामस्वरूप मीणा, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा, जगदीश पारेता, चर्मेश शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष रामकरण मीणा, पूर्व सरपंच भंवरलाल मीणा और जिलाध्यक्ष महावीर मीणा ने संबोधित किया। पूर्व विधायक और मुख्य वक्ता प्रहलाद गुंजल ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में निवास करती है। श्योपुरा की बावड़ी से जैतपुर तक गांवों की बसावट अभयारण्य बनने से बहुत पहले की है। उन्होंने कहा कि किसान हर बार देश में नई सरकार बनाता है, लेकिन पांच वर्ष बाद उसका सपना चकनाचूर हो जाता है। गुंजल ने किसानों से प्रजातंत्र बचाने के लिए जागने और सरकार के खिलाफ ईंट से ईंट बजाने का आह्वान किया। सभा के बाद स्थल से नए बस स्टैंड तक रैली निकाली गई। राजेंद्र जैन अजेता, हनुमान सिंह भाकल, लोकेश बैरागी, हसन खां, रामू अरोड़ा, केशव चादना, मानमल मीणा शामिल रहे।