शहरवासियों का नई और लंबी दूरी की ट्रेनों का सपना फिलहाल रेलवे की सुस्त कार्यप्रणाली और प्रशासनिक लेटलतीफी के कारण अटका है। स्टेशन स्थित मेंटेनेंस यार्ड (कोचिंग डिपो) को उमरड़ा शिफ्ट करने की योजना में भारी देरी हो रही है। केंद्र सरकार को इसके लिए पत्र तो भेजा जा चुका है, लेकिन भूमि अधिग्रहण और आगामी टेंडर प्रक्रिया के फेर में काम पिछड़ रहा है। इसे 2028 तक पूरा करना है, लेकिन अब तक फाइल जमीन अधिग्रहण से लेकर टेंडर प्रक्रिया में ही झूल रही है। ऐसे में समय पर ये काम पूरा होना मुश्किल लग रहा है। उदयपुर सिटी स्टेशन के पास पर्याप्त जमीन उपलब्ध है, लेकिन उन लाइनों पर वर्तमान में पुराना कोचिंग डिपो बना हुआ है। मौजूदा डिपो केवल उतनी ही ट्रेनों का मेंटेनेंस कर सकता है जितनी अभी चल रही हैं। जब तक यह डिपो उमरड़ा शिफ्ट नहीं होता, तब तक स्टेशन पर नए प्लेटफॉर्म नहीं बन सकते और न ही नई ट्रेनों का रखरखाव संभव हो पाएगा। फिलहाल उदयपुर में केवल 5 प्लेटफॉर्म हैं। भविष्य के दबाव को देखते हुए न्यूनतम 8 प्लेटफॉर्म जरूरी हैं। प्लेटफॉर्म न बढ़ने से नई ट्रेनों के संचालन में तकनीकी अड़चन आ रही है। नया कोचिंग डिपो उमरड़ा में पूरी तरह संचालित होने पर ही अतिरिक्त ट्रेनों के रखरखाव की क्षमता विकसित होगी। यार्ड शिफ्ट होते ही मिल सकती हैं ये नई ट्रेनें अहमदाबाद स्टेशन पर 12 घंटे से अधिक समय तक खड़ी रहने वाली नवजीवन एक्सप्रेस (चेन्नई), प्रेरणा एक्सप्रेस (नागपुर) और गुजरात मेल (मुंबई) का उदयपुर तक विस्तार हो सकता है। इससे मध्य व दक्षिण भारत के लिए सीधी रोजाना कनेक्टिविटी मिलेगी। उदयपुर-दिल्ली वंदे भारत: प्रस्तावित दिल्ली वंदे भारत को सुबह जल्दी चलाने की मांग है, ताकि व्यापारी व यात्री दिल्ली जाकर काम निपटाकर उसी दिन देर शाम वापस उदयपुर लौट सकें। उदयपुर-बांद्रा ट्रेन रोजाना हो: कोविड से पहले मुंबई के लिए रोजाना चलने वाली यह ट्रेन अभी हफ्ते में केवल 3 दिन (बुध, शुक्र, रवि) चल रही है। अहमदाबाद स्टेशन पर काम के पूरा होने तक इसे वाया रतलाम नियमित चलाने की जरूरत है। भोपाल के लिए नई ट्रेन: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लिए उदयपुर से कोई सीधी ट्रेन नहीं है। नई ट्रेन शुरू होने से औद्योगिक, शैक्षणिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। काठगोदाम-जम्मूतवी एक्सप्रेस का विस्तार: उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र के लिए काठगोदाम-अजमेर ट्रेन और उत्तर भारत/वैष्णो देवी यात्रा के लिए अजमेर-जम्मूतवी एक्सप्रेस का विस्तार उदयपुर तक करने की मांग रखी गई है। यार्ड शिफ्टिंग जरूरी, तभी यात्रियों को मिलेगी राहत मेंटेनेंस यार्ड को जल्द से जल्द उमरड़ा शिफ्ट किया जाना बेहद जरूरी है। इसे लेकर अभी टेंडर प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन जल्द से जल्द ये कार्य पूर्ण होगा तो ही आगे की राह बनेगी। इसके शिफ्ट होते ही प्लेटफॉर्म्स का विस्तार हो सकेगा और मेंटेनेंस क्षमता बढ़ते ही उदयपुर को भोपाल, दिल्ली वंदे भारत और लंबी दूरी की कई नई ट्रेनों की सौगात मिल सकेगी। -ओम पालीवाल, सदस्य, जोनल रेलवे परामर्शदात्री समिति, उदयपुर