राष्ट्रीय लोकदल ने भी निकाय चुनाव में मोर्चा खोल दिया है। क्षेत्रीय दल होने के कारण सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ सकती। इसलिए निर्दलीयों पर हाथ रखेगी। पार्टी ने समर्थन आवेदन लेना प्रारंभ कर दिया है। अब तक 35 वार्डों से 109 आवेदन आ चुके हैं। रालोद की इस सक्रियता से भाजपा और कांग्रेस के खेमे में चिंता बढ़ गई है। निकाय में त्रिकोणीय मुकाबला बन सकता है। रालोद हाईकमान ने जिलाध्यक्षों को निकाय चुनाव में अपनी भूमिका निभाने के लिए कह दिया है। जिलाध्यक्ष संतोष फौजदार ने बताया कि इकाई ने नगर निगम और नगर पालिका चुनावों को देखते हुए संगठन की भूमिका तय करते हुए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की। पार्टी की रीति-नीति और चौधरी चरण सिंह की विचारधारा में विश्वास रखने वाले उम्मीदवारों को रालोद प्रत्येक वार्ड में किसी एक को समर्थन देगा। जिला पर्यवेक्षक जगवीर सिंह बछामदी, सुरेशपाल सिंह और विक्रम सिंह हथैनी को तथा भरतपुर शहर के लिए विनोद गुप्ता को पर्यवेक्षक बनाया है। बयाना में सुरजीत चौधरी, नदबई-उच्चैन में अशोक बंजारा, रूपवास में ओमवीर कुरका और वैर-भुसावर में कमलसिंह इंदौलिया को नामित किया है। जिलाध्यक्ष सन्तोष फौजदार ने कहा कि यह व्यवस्था समन्वय बढ़ाएगी।