सवाई माधोपुर जिले में करीब ढाई महीने में लेपर्ड के 4 हमले सामने आए हैं, जिनमें 2 लोगों की मौत हुई है। ये घटनाएं टोडरा उपतहसील और रणथंभौर की फलौदी रेंज में हुई। फॉरेस्ट एरिया से आकर लेपर्ड घरों में घुस रहे हैं। लोगों पर हमला कर रहे हैं। ज्यादातर घटनाओं में लेपर्ड ने पहले इंसान को दबोचा और फिर घसीटकर ले जाने की कोशिश की। घटनाओं का यह सिलसिला बताता है कि लेपर्ड अब आबादी के बेहद करीब आकर इंसानों को निशाना बना रहा है। एक्सपर्ट कहते हैं कि घर में घुसकर हमले करने का कारण जंगलों का दायरा कम होना और प्रे बेस (शिकार) का कम होना है। लैपर्ड फुर्तीला और शर्मीला जीव है, लेकिन शिकार की तलाश में आबादी एरिया में आ जाता है। पढ़िए लेपर्ड के हमले की ये रिपोर्ट… 20 मई : सिक्योरिटी गार्ड पर हमला, लात मारकर बचाई जान टोडरा उपतहसील क्षेत्र में रात करीब 8 बजे ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड कल्याणमल गुर्जर (60) पर लेपर्ड ने हमला कर दिया। कल्याणमल जीएचवी उद्योग लिमिटेड कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड हैं। वे शाम करीब 7 बजे साथी गार्ड बाबूलाल गुर्जर के साथ ड्यूटी के लिए क्रेशर पर गए थे। रात करीब 8 बजे वे वहीं लेटे हुए थे, तभी लेपर्ड पीछे से चुपचाप आया और उनका पैर पकड़ लिया। कल्याणमल ने दूसरे पैर से लेपर्ड को लात मारी तो वह पीछे हट गया, लेकिन उसने दोबारा पैर पर हमला किया। कल्याणमल ने फिर पूरी ताकत से लात मारी तो लेपर्ड दूर हो गया। इसी दौरान उन्होंने टॉर्च जलाई तो लेपर्ड वहां से भाग निकला। घटना के समय बाबूलाल करीब 20 फीट दूर बैठकर खाना खा रहे थे। हमले में कल्याणमल के पैर में 19 टांके लगाने पड़े। 16 जून : बहन ने लेपर्ड से भिड़कर भाई को बचाया रात करीब 1 बजे रणथंभौर की फलौदी रेंज से लेपर्ड टोडरा गांव के गुर्जर मोहल्ले की घनी आबादी में पहुंच गया। वह तीन मकानों की छतों से होते हुए बद्रीलाल गुर्जर के 15 फीट ऊंचे मकान की छत पर पहुंचा, जहां 9 लोग सो रहे थे। लेपर्ड ने राज गुर्जर का सिर दबोच लिया। राज की चीख सुनकर पास ही सो रही उसकी बहन राधा की नींद खुल गई। राधा ने बिना जान की परवाह किए लेपर्ड से मुकाबला किया और भाई को बचा लिया। राधा ने बताया कि लेपर्ड राज को घसीटते हुए मकान के अंतिम छोर तक ले गया था। सामने पड़ोसी मकान की करीब 3 फीट ऊंची दीवार आने से लेपर्ड की रफ्तार और ताकत कम हो गई। राधा ने भाई का पैर पकड़कर खींचना शुरू किया तो लेपर्ड राज को छोड़कर भाग गया। 7 अगस्त : बुजुर्ग महिला पर हमला, 5 दिन बाद मौत टोडरा उपतहसील में लेपर्ड ने घर के बरामदे में सो रही लीलादेवी (75) पर हमला कर दिया। उनके बेटे विनोद नायक के अनुसार रात करीब 12 बजे लेपर्ड 5 फीट ऊंची चारदीवारी फांदकर घर में आया और सो रही लीलादेवी के सिर पर हमला कर दिया। उसने सिर दबोच लिया और गर्दन पर पंजे मारे। हमले में सिर और गर्दन पर 2 से 3 इंच तक के गहरे घाव हुए और काफी खून बहने से हालत गंभीर हो गई। लेपर्ड लीलादेवी को गर्दन से पकड़कर पलंग से नीचे पटकते हुए करीब 20 फीट दूर दीवार तक घसीट ले गया। लोगों के शोर मचाने पर वह भाग गया। करीब 2 बजे, यानी पहली घटना के दो घंटे बाद, लेपर्ड दोबारा उसी घर में आया और खून से सने बिस्तर को जबड़ों में दबाकर घर के पीछे ले जाने लगा। परिजनों ने शोर मचाकर उसे खदेड़ा तो वह बिस्तर छोड़कर भाग गया। लीलादेवी को सोमवार तड़के 1:30 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत में सोमवार दोपहर उन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया। बुधवार शाम वे एसएमएस अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौटीं, लेकिन शुक्रवार तड़के घर पर ही उनकी मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया। 20 अगस्त: घर से 3 साल के मासूम को उठा ले गया रणथंभौर टाइगर रिजर्व की फलोदी रेंज क्षेत्र के दुमोदा गांव में रात करीब 8 बजे लेपर्ड ने 3 साल के मासूम दिलखुश बैरवा पर हमला कर दिया। दिलखुश घर के आंगन में खेल रहा था, तभी लेपर्ड उसे उठाकर करीब 500 मीटर दूर पहाड़ी की ओर घसीटते हुए ले गया और वहां उसे दबाकर बैठ गया। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक अंधेरे में मोबाइल टॉर्च और बैटरी की रोशनी के सहारे पहाड़ी का चप्पा-चप्पा छाना। पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। तलाश के दौरान मासूम घायल हालत में मिला। हेड कॉन्स्टेबल हनुमान ने बच्चे को गोद में उठाकर पहाड़ी से नीचे पहुंचाया। इसके बाद पुलिस टीम उसे जिला अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। --- हमले की ये खबरें भी पढ़ें … महिला को 10 मीटर तक घसीटते ले गया लेपर्ड:घर में घुसकर सिर-गर्दन से पकड़कर खींचा, दीवार फांदने से पहले बेटे ने बचाया सवाई माधोपुर में लेपर्ड ने घर में सो रही 78 साल की महिला पर अटैक कर दिया। उसने महिला के सिर-गर्दन को मुंह में दबाया और 10 मीटर तक घसीट ले गया। पूरी खबर पढ़िए