खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच में 12 फूड सैंपल सब-स्टैंडर्ड मिले हैं। पिछले दिनों अलग-अलग दुकानों से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए थे, जिनकी जांच रिपोर्ट में सभी नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। दरअसल, उदयपुर में पिछले दिनों विभिन्न प्रति​ष्ठानों पर शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत सैंपल लिए गए। सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि सांवरिया स्वीट्स एवं नमकीन वल्लभनगर से मावाबर्फी, अरोड़ा नमकीन चाट भंडार सुखेर से दही, शास्त्री सर्कल स्थित होटल अशोक से हैदराबादी बिरयानी, जोधपुर स्वीट होम खैरवाड़ा और संन्मुख सितलानी के गोदाम से मिल्क केक एवं मावा बर्फी के सैम्पल जांच में सब स्टेंडर्ड पाए गए हैं। इसके अलावा बरकत कॉलोनी में दशरथ डांगी के टेम्पो को रुकवाकर लिया पनीर का सैम्पल, भटेवर स्थित कृष्णा मिल्क फूड एंड टेॢडिंग कम्पनी के गुलाबजामुन व घेवर के सैम्पल भी सब स्टेंडर्ड पाए गए हैं। इसी तरह श्री महावीर दूध डेयरी का घी अनसेफ पाया गया है। इन सभी फर्मो को खाध सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नोटिस जारी ​किया है। जबाव संतोषजनक नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अखबार के पेपर पर परोसे रहे थे पाव, पाव पर एक्सपायरी तक नहीं सीएमएचओ डॉ. आदित्य ने बताया कि आज फूड इंस्पेक्टर अशोक कुमार द्वारा आरके सर्कल स्थित मातेश्वरी वडा पाव से पाव का नमूना लिया गया। निरीक्षण के दौरान यहां फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड नहीं मिला। वड़ा बनाने में उपयोग लिए जा रहे पानी और कर्मचारियों की मेडिकल रिपोर्ट नहीं पाई गई। पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट भी नहीं थी। वडा पाव अखबार के पेपर पर ग्राहकों को परोसे जा रहे थे। इस पर सभी पेपर को जब्त कर नष्ट किया गया। पाव के पैकेट पर एक्सपायरी डेट नहीं होने से सभी 27 पैकेट नष्ट कराए। इसी तरह फतहसागर स्थित कमलेश टी सेन्टर पर भी निरीक्षण में यही हाल मिला। यहां भी फूड सेफ्टी डिस्पले नहीं था। पानी और कर्मचारियों की मेडिकल रिपोर्ट नहीं थी। अखबार के कागज पाए गए।